अबूझमाड़ में खेलों की नई उड़ान, आईटीबीपी ने जगाया युवाओं में जोश
कुतुल में दो दिवसीय क्लस्टर खेल प्रतियोगिता संपन्न, वॉलीबॉल और मिनी मैराथन में ग्रामीण प्रतिभाओं ने दिखाया दम

आईटीबीपी और ग्रामीणों के बीच बढ़ा भरोसा, विजेताओं को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार से किया सम्मानित
(कैलाश सोनी) नारायणपुर, 16 जून। अबूझमाड़ के सुदूर और संवेदनशील क्षेत्र कुतुल में खेलों के जरिए युवाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। 41वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) द्वारा दो दिवसीय क्लस्टर खेल प्रतियोगिता का सफल आयोजन कर ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में वॉलीबॉल और मिनी मैराथन के रोमांचक मुकाबलों में युवाओं, छात्र-छात्राओं और महिला खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

डीआईजी क्षेत्रीय मुख्यालय भुवनेश्वर के मार्गदर्शन, 41वीं वाहिनी के कमांडेंट बेनुधर नायक के निर्देशन तथा कार्यवाहक सहायक सेनानी एवं कैंप कमांडर मो. फारूक के नेतृत्व में आयोजित प्रतियोगिता को फील्ड अस्पताल कुतुल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर का भी सहयोग मिला।
फरसगांव ने जीता वॉलीबॉल का खिताब
15 जून को आयोजित वॉलीबॉल प्रतियोगिता में ग्राम कुतुल, परपा और फरसगांव की कुल पांच टीमों ने भाग लिया। रोमांचक मुकाबलों के बाद फरसगांव टीम विजेता बनी, जबकि परपा टीम उपविजेता रही। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए फरसगांव टीम के खिलाड़ी श्यामू वरदा को “मैन ऑफ द मैच एवं मैन ऑफ द सीरीज” घोषित किया गया।
मिनी मैराथन में युवाओं ने लगाई दौड़
16 जून को आयोजित मिनी मैराथन में लगभग 45 से 50 युवा, छात्र-छात्राओं और महिला खिलाड़ियों ने भाग लेकर खेल भावना का परिचय दिया।
पुरुष वर्ग में विजेता
- प्रथम : पंकज कुमार (कुतुल)
- द्वितीय : विधुरकला (परपा)
- तृतीय : मईनु वरदा
महिला वर्ग में चमकी बेटियां
- प्रथम : रामशीला (फरसगांव-कुतुल)
- द्वितीय : संतोषी
- तृतीय : किरण वरदा
प्रतियोगिता के विजेताओं, उपविजेताओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रॉफी के साथ सम्मानजनक नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरुष वर्ग में दसवें स्थान तक के खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया, वहीं महिला वर्ग में भाग लेने वाली सभी खिलाड़ियों और बच्चों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
‘आईटीबीपी केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं’
41वीं वाहिनी के कमांडेंट बेनुधर नायक ने कहा कि आईटीबीपी केवल सुरक्षा और राष्ट्र सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को खेल, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देने के साथ उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी आईटीबीपी द्वारा जनहित और खेल प्रोत्साहन से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
खेलों से मजबूत हुआ विश्वास का रिश्ता
दो दिवसीय आयोजन ने अबूझमाड़ के युवाओं में खेलों के प्रति नई ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया। साथ ही आईटीबीपी और स्थानीय ग्रामीणों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को भी और अधिक मजबूती मिली।
समापन समारोह में 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के अधिकारियों के अलावा रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्या मंदिर कुतुल के प्रधानाचार्य सुखचंद मंडावी, पुलिस चौकी प्रभारी कुतुल अंतु पोटाई सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अबूझमाड़ में खेलों का महाकुंभ
- 15 और 16 जून को दो दिवसीय प्रतियोगिता
- वॉलीबॉल में फरसगांव टीम बनी चैंपियन
- 50 से अधिक युवाओं ने मिनी मैराथन में दिखाई प्रतिभा
- महिला खिलाड़ियों और बच्चों को भी मिला प्रोत्साहन पुरस्कार
- खेलों के जरिए बढ़ा आईटीबीपी और ग्रामीणों के बीच विश्वास




