समय-सीमा बैठक में कलेक्टर का सख्त संदेश
“हर दिन दें निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट, नियद नेल्लानार क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं में न हो देरी”

सुशासन एक्सप्रेस शिविरों में ई-केवाईसी पूर्ण कराने, विवादित नामांतरण के त्वरित निराकरण और अधूरे भवनों के सर्वे के निर्देश…
(कैलाश सोनी) नारायणपुर। जिले में विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर नम्रता जैन ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि निर्माण एजेंसियां प्रत्येक कार्य दिवस की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, लंबित प्रकरणों और निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित मामलों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
नियद नेल्लानार क्षेत्र पर विशेष फोकस
कलेक्टर नम्रता जैन ने विशेष रूप से नियद नेल्लानार क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने ग्राम पंचायतों के नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्रवार समस्याओं की सूची तैयार कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है, इसलिए दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
“सुशासन एक्सप्रेस” शिविरों में हर हितग्राही का ई-केवाईसी जरूरी
बैठक में सुशासन एक्सप्रेस जनचौपाल की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले सभी हितग्राहियों के ई-केवाईसी कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी पूर्ण होने से पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ बिना बाधा मिल सकेगा।
जिले में सुशासन तिहार अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविरों का संचालन किया जा रहा है। नारायणपुर और ओरछा विकासखंड की कुल 112 ग्राम पंचायतों में 17 शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें नारायणपुर ब्लॉक की 76 और ओरछा ब्लॉक की 36 पंचायतें शामिल हैं। वहीं नगरपालिका परिषद नारायणपुर के 15 वार्डों में 7 शिविर लगाए जा रहे हैं।
विवादित नामांतरण के शीघ्र निराकरण के निर्देश
राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विवादित नामांतरण मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। समीक्षा में सामने आया कि जिले में कुल 1017 राजस्व प्रकरणों में से 192 प्रकरण लंबित हैं। राहत की बात यह रही कि एक वर्ष अथवा तीन वर्ष से अधिक लंबित कोई भी प्रकरण नहीं है।
अविवादित नामांतरण के 518 मामलों में से 92 लंबित हैं, जबकि सीमांकन के 155 मामलों में 34 और त्रुटि सुधार के 92 मामलों में 22 प्रकरण लंबित पाए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों का शीघ्र निराकरण कर राहत प्रदान की जाए।
डिजिटल रिकॉर्ड में जिले की तेज प्रगति
बैठक में भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति भी सामने आई। जिले में कुल 83 हजार 686 खसरों में से 82 हजार 370 खसरों पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। केवल 1.57 प्रतिशत कार्य शेष है। वहीं नक्शों के डिजिटलीकरण का कार्य भी 94.02 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है।
स्कूल, आश्रम और आंगनबाड़ी भवनों का होगा सर्वे
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि स्कूल, आश्रम, छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का सर्वे कराया जाए। अधूरे और क्षतिग्रस्त भवनों की पहचान कर उनकी मरम्मत अथवा नए निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी के तहत निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। नारायणपुर और ओरछा विकासखंड में कुल 10 हजार 210 पात्र हितग्राहियों के विरुद्ध 6 हजार 92 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 1 हजार 382 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 4 हजार 710 आवास अभी निर्माणाधीन हैं।
वहीं नगरपालिका परिषद नारायणपुर में स्वीकृत 788 आवासों में से 767 आवास पूर्ण हो चुके हैं और केवल 21 आवास शेष हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं की हुई गहन समीक्षा
बैठक में राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। साथ ही जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास, जननी सुरक्षा योजना, मातृत्व वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, श्रम कार्ड, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन और वृद्धा पेंशन जैसी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चयनित ग्रामों में सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा जिनके दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें तत्काल पूर्ण कराया जाए।
स्वास्थ्य और कृषि योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत पोषण पुनर्वास केंद्र, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, एनीमिया जांच और मोतियाबिंद ऑपरेशन की समीक्षा की गई।
इसके अलावा कृषि एवं अन्य विभागों के अंतर्गत धान उठाव, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, पशु टीकाकरण, जल शक्ति अभियान, राशन कार्ड ई-केवाईसी और नशामुक्ति भारत अभियान की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मंडावी, सीएमएचओ डॉ. टीआर कुंवर, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




