टीबी पर करारा प्रहार: 100 दिन के अभियान में 147 मरीज मिले, सभी उपचार से जुड़े
2,470 लोगों की जांच, 87 हाई रिस्क गांवों में विशेष स्क्रीनिंग तेज; कलेक्टर नम्रता जैन की अपील पर 93 निक्षय मित्र बने मरीजों का सहारा

नारायणपुर, 6 अगस्त। प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत नारायणपुर जिले में चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी जांच अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से जनवरी से जुलाई 2026 तक 2,470 संदिग्ध लोगों की जांच की गई, जिसमें 147 टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार से जोड़ दिया गया है। वहीं, जिले के 87 हाई रिस्क गांवों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाकर टीबी के खिलाफ व्यापक जनजागरण और समय पर जांच सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य संभावित मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराना तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को जनभागीदारी के साथ हासिल करना है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहयोग से अभियान को लगातार सफलता मिल रही है।
87 हाई रिस्क गांवों में एआई तकनीक से जांच, 5,801 लोगों की स्क्रीनिंग
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के 87 हाई रिस्क गांवों को विशेष निगरानी में रखा गया है। इनमें से अब तक 68 गांवों में एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिए विशेष स्वास्थ्य एवं जांच शिविर लगाए जा चुके हैं।
इन शिविरों में 5,801 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 4,700 लोगों की रिपोर्ट सामान्य मिली, जबकि 1,101 लोगों के बलगम नमूने सीबीएनएएटी (CBNAAT) जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं। आधुनिक एआई तकनीक के उपयोग से अब दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान संभव हो रही है, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा रहा है।
147 मरीजों को मिला समय पर इलाज
वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई तक नारायणपुर विकासखंड के 2,111 तथा ओरछा विकासखंड के 359 लोगों के बलगम नमूनों की जांच की गई। जांच में 147 टीबी मरीजों की पुष्टि हुई। सभी मरीजों को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उपचार से जोड़ दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग मरीजों को नियमित दवा, चिकित्सकीय परामर्श, पोषण संबंधी मार्गदर्शन तथा निरंतर स्वास्थ्य निगरानी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उपचार बीच में न छूटे और मरीज जल्द स्वस्थ हो सकें।
कलेक्टर की पहल रंग लाई, 93 निक्षय मित्र बने मरीजों का सहारा
टीबी मरीजों को पोषण एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए जिले में निक्षय मित्र अभियान भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन की अपील पर अब तक 93 जिला अधिकारी, कर्मचारी और सीएसआर सहयोगी आगे आकर 93 टीबी मरीजों को गोद ले चुके हैं।
निक्षय मित्र नियमित रूप से मरीजों को फूड बास्केट, पौष्टिक आहार और आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे उपचार के दौरान मरीजों को बेहतर पोषण और मानसिक संबल मिल रहा है।
कलेक्टर नम्रता जैन ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, उद्योगों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी ही टीबी मुक्त नारायणपुर की सबसे बड़ी ताकत है।
दो सप्ताह से खांसी है तो तुरंत कराएं जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टी.आर. कुंवर ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, भूख में कमी या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीबी की जांच कराएं।
उन्होंने कहा कि टीबी पूरी तरह उपचार योग्य और रोकथाम योग्य बीमारी है। समय पर जांच, नियमित दवा और पूरा उपचार ही इस बीमारी को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
अभियान की अब तक की उपलब्धियां
- 2,470 संदिग्ध लोगों की जांच
- 147 टीबी मरीज चिन्हित, सभी उपचार से जुड़े
- 87 हाई रिस्क गांव चिन्हित
- 68 गांवों में विशेष स्क्रीनिंग पूरी
- 5,801 लोगों की स्वास्थ्य जांच
- 1,101 बलगम नमूने CBNAAT जांच के लिए भेजे गए
- 93 निक्षय मित्र बने, 93 मरीजों को पोषण सहयोग मिल रहा है




