नारायणपुर

हर चुनौती से निपटने को तैयार नारायणपुर पुलिस, दंगा नियंत्रण का मैदान बना प्रशिक्षण केंद्र

डीआरजी, जिला बल और नगर सैनिकों ने सीखा बलवा नियंत्रण का व्यावहारिक प्रशिक्षण, एसपी संदीप पटेल के निर्देशन में भीड़ प्रबंधन से लेकर घायलों के रेस्क्यू तक हुआ मॉक ड्रिल

नारायणपुर, 6 अगस्त। जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसी भी आपात स्थिति में पुलिस बल की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला मुख्यालय में डीआरजी, जिला बल एवं नगर सैनिक के जवानों का व्यापक बलवा (रायट कंट्रोल) ड्रिल प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जवानों ने दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, घायलों के सुरक्षित रेस्क्यू, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित कार्रवाई का व्यावहारिक अभ्यास कर अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को किसी भी संवेदनशील परिस्थिति, आकस्मिक घटना अथवा कानून-व्यवस्था की चुनौती से पेशेवर और विधिसम्मत तरीके से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार करना था। प्रशिक्षण में दंगा जैसी परिस्थितियों का वास्तविक माहौल तैयार कर जवानों की निर्णय क्षमता, अनुशासन और आपसी समन्वय को परखा गया।

प्रशिक्षण के दौरान जवानों को लाठी पार्टी, आँसू गैस पार्टी, इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ईआरटी), क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी), वायरलेस संचार व्यवस्था, घायलों की सुरक्षित निकासी (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन), प्राथमिक चिकित्सा एवं मेडिकल सहायता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

व्यावहारिक अभ्यास के दौरान पुलिस बल ने दंगा नियंत्रण की विभिन्न फॉर्मेशन, भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति, न्यूनतम आवश्यक बल के विधिसम्मत उपयोग तथा हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, शील्ड, लाठी एवं आँसू गैस उपकरणों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया। विभिन्न काल्पनिक परिस्थितियों पर आधारित मॉक ड्रिल के माध्यम से जवानों को त्वरित निर्णय लेने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का अभ्यास कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौती का सामना करते समय पुलिस बल संयम, अनुशासन और संवेदनशीलता बनाए रखे। आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक कार्रवाई विधिसम्मत, संतुलित और पेशेवर तरीके से की जाए।

प्रशिक्षण का निरीक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय सबद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर, एसडीओपी अजय सिंह, डीएसपी परवेज़ कुरैशी, डीएसपी आशीष नेताम, डीएसपी अमृता पैंकरा, रक्षित निरीक्षक मोहसिन खान एवं रक्षित निरीक्षक सोनू वर्मा ने किया। अधिकारियों ने विभिन्न अभ्यासों का संचालन करते हुए जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

नारायणपुर पुलिस का कहना है कि इस प्रकार के नियमित व्यावहारिक प्रशिक्षणों का उद्देश्य पुलिस बल को हर परिस्थिति के लिए तैयार रखना है, ताकि किसी भी आकस्मिक, संवेदनशील अथवा कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौती के समय जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रखा जा सके।

प्रशिक्षण में इन बिंदुओं पर रहा विशेष फोकस

  • दंगा नियंत्रण एवं भीड़ प्रबंधन की आधुनिक तकनीक।
  • लाठी पार्टी, आँसू गैस पार्टी और क्यूआरटी का समन्वित संचालन।
  • घायलों का सुरक्षित रेस्क्यू और प्राथमिक चिकित्सा।
  • वायरलेस संचार प्रणाली और त्वरित प्रतिक्रिया।
  • न्यूनतम आवश्यक बल का विधिसम्मत उपयोग।
  • मॉक ड्रिल के जरिए निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल का अभ्यास।

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