नारायणपुर

अबूझमाड़ में डिजिटल पुलिसिंग की दस्तक: अब बारकोड से मिलेगी जब्त संपत्ति की पूरी जानकारी

कोहकामेटा से ‘e-मालखाना 2.0’ का शुभारंभ, जिले के सभी 14 थानों में लागू हुई स्मार्ट मालखाना व्यवस्था

वन मंत्री केदार कश्यप बोले- तकनीक आधारित नवाचार से बढ़ेगी पारदर्शिता, जवाबदेही और पुलिसिंग की दक्षता

(कैलाश सोनी) कोहकामेटा/ नारायणपुर। अबूझमाड़ के दुर्गम अंचल कोहकामेटा में सोमवार को प्रशासनिक और तकनीकी बदलाव की एक नई तस्वीर देखने को मिली। जहां कभी सरकारी व्यवस्थाओं की पहुंच चुनौती मानी जाती थी, वहीं अब डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिले के सभी 14 थानों में ‘e-मालखाना 2.0’ प्रणाली लागू कर दी गई है। कोहकामेटा थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वन, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया।

मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप तकनीक आधारित व्यवस्थाएं शासन और प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। उन्होंने नारायणपुर पुलिस की इस पहल को नवाचार और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

अब एक स्कैन में खुल जाएगी पूरी जानकारी

पत्रकार द्वारा कोहकामेटा थाना परिसर में जुटाई गई जानकारी के अनुसार, ‘e-मालखाना 2.0’ के लागू होने के बाद अब प्रत्येक जब्त संपत्ति और केस प्रॉपर्टी को यूनिक बारकोड से जोड़ा जाएगा। बारकोड स्कैन करते ही संबंधित प्रकरण, जब्ती का विवरण, जमा तिथि और वस्तु की वर्तमान स्थिति जैसी जानकारियां तत्काल स्क्रीन पर उपलब्ध होंगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे वर्षों से कागजी अभिलेखों पर आधारित व्यवस्था अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी। साथ ही रिकॉर्ड खोजने में लगने वाला समय भी काफी कम होगा।

अबूझमाड़ में तकनीक पहुंचना बदलाव का संकेत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में डिजिटल व्यवस्थाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसी तकनीकी पहलें प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों का भरोसा भी बढ़ाती हैं।

उन्होंने कहा कि बदलते समय में तकनीक का उपयोग केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर शासन व्यवस्था की आवश्यकता बन चुका है। नारायणपुर पुलिस ने इस दिशा में सराहनीय पहल की है।

नारायणपुर पुलिस ने स्वयं किया विकसित

पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि ‘e-मालखाना 2.0’ सॉफ्टवेयर नारायणपुर पुलिस द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक मालखाना प्रबंधन को डिजिटल स्वरूप देकर अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

उन्होंने बताया कि नई प्रणाली से अभिलेखों के संधारण में आसानी होगी और पुलिस अधिकारियों को मामलों के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी। भविष्य में इसे और अधिक उन्नत बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

स्मार्ट पुलिसिंग की ओर बढ़ता नारायणपुर

नारायणपुर पुलिस पिछले कुछ वर्षों से सामुदायिक पुलिसिंग, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग कर रही है। ‘e-मालखाना 2.0’ को इसी श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जिले के सभी 14 थानों में एक साथ इस प्रणाली के लागू होने से स्मार्ट पुलिसिंग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्र में डिजिटल पुलिसिंग की यह पहल केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं को आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने के साथ आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा।

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