सपनों को मिली रफ्तार: सरस्वती सायकल योजना से छात्राओं के हौसलों को लगे पंख
नारायणपुर में पात्र छात्राओं को मिली निःशुल्क सायकल, जनप्रतिनिधियों ने कहा— शिक्षा तक आसान होगी पहुँच, बेटियाँ आत्मनिर्भर बनेंगी

नारायणपुर। दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों की बेटियों की शिक्षा अब दूरी की मोहताज नहीं रहेगी। छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना के तहत बुधवार को शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में पात्र छात्राओं को सायकलों का वितरण किया गया। सायकल पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे और उन्होंने इसे अपने उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत बताया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष इन्द्रप्रसाद बघेल, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी तथा अध्यक्षता शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद कोरी ने की। अतिथियों ने छात्राओं को सायकल की चाबी सौंपते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य मनोज बागड़े ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि सरस्वती सायकल योजना बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने, विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासन की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल सायकल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शिक्षा तक पहुँच की बाधाओं को समाप्त करना है।
मुख्य अतिथि इन्द्रप्रसाद बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित यह योजना बालिकाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाली है। सायकल मिलने से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी, समय की बचत होगी और वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।
विशिष्ट अतिथि प्रताप सिंह मंडावी ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इससे शिक्षा तक उनकी पहुँच आसान होगी और पढ़ाई बीच में छोड़ने जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी।
पूर्व सदस्य, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण अनिल खोब्रागढ़े ने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने छात्राओं से अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन कर अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लक्ष्मी प्रसाद कोरी ने छात्राओं से उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने तथा शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी मानकर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज की पढ़ी-लिखी बेटियाँ ही कल समाज और देश का भविष्य संवारेंगी।
इस अवसर पर उपसंचालक समाज कल्याण श्याम सुंदर रैदास, पार्षद हेमंत कुमार पात्र, महादेवी यादव (उपाध्यक्ष, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति) सहित समिति के सदस्यों ने भी छात्राओं को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने तथा शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
सायकल पाकर खिल उठे चेहरे
सायकल प्राप्त करने वाली सरस्वती नेताम, गोपी पोटाई, भागवती वड्डे सहित अन्य छात्राओं ने खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। छात्राओं ने कहा कि अब विद्यालय आने-जाने में आसानी होगी, समय बचेगा और वे नियमित रूप से अध्ययन कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगी।
योजना का उद्देश्य
- दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ना।
- विद्यालय में नियमित उपस्थिति बढ़ाना।
- बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देना।
- छात्राओं को आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वासी बनाना।




