पांच दिन की बारिश ने तोड़ा संपर्क, नारायणपुर में संचार व्यवस्था ध्वस्त
ओरछा, धनोरा और छोटेडोंगर में Jio व BSNL नेटवर्क पूरी तरह ठप, कॉलिंग-इंटरनेट बंद होने से जनजीवन प्रभावित

ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित; ग्रामीणों ने दूरसंचार कंपनियों की तैयारियों पर उठाए सवाल
नारायणपुर। लगातार पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने नारायणपुर जिले में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं, कई मार्ग बाधित हैं और अब दूरसंचार व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। जिले में Jio और BSNL की नेटवर्क सेवाएं लगातार ठप रहने से लोग अपने परिजनों से संपर्क तक नहीं कर पा रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों ओरछा, धनोरा और छोटेडोंगर में सामने आ रही है, जहां संचार सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद हो गई हैं।
बारिश के बीच नेटवर्क फेल होने से मोबाइल कॉलिंग और इंटरनेट सेवा दोनों प्रभावित हैं। हालात यह हैं कि जिला मुख्यालय में भी नेटवर्क बार-बार गायब हो रहा है, जबकि अंदरूनी इलाकों में मोबाइल फोन केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। संचार व्यवस्था ठप होने से ग्रामीणों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यूपीआई से लेकर सरकारी कामकाज तक पर असर
नेटवर्क बाधित होने का असर केवल बातचीत तक सीमित नहीं है। इंटरनेट सेवा ठप होने से ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, शासकीय ऑनलाइन सेवाएं और अन्य डिजिटल कार्य भी प्रभावित हो गए हैं। व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आवश्यक लेन-देन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर डिजिटल भुगतान बंद होने से नकदी पर निर्भरता बढ़ गई है।
आपदा में मदद बुलाना भी बना चुनौती
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष मानसून में यही स्थिति बनती है। बारिश शुरू होते ही नेटवर्क कंपनियों की सेवाएं जवाब दे देती हैं। ऐसे समय में यदि किसी मरीज को एम्बुलेंस बुलानी हो या किसी आपात स्थिति की सूचना प्रशासन तक पहुंचानी हो तो लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई गांवों में घंटों तक मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से लोग पूरी तरह संपर्कविहीन हो गए हैं।
कंपनियों की तैयारियों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूरसंचार कंपनियां बेहतर नेटवर्क और निर्बाध सेवा के दावे तो करती हैं, लेकिन बारिश आते ही उनकी व्यवस्थाएं धराशायी हो जाती हैं। दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था का बाधित होना सुरक्षा और राहत कार्यों की दृष्टि से भी चिंता का विषय माना जा रहा है।
प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि दूरसंचार कंपनियों को तत्काल नेटवर्क सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए जाएं। लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के समय संचार व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है और इसकी बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित न हों।




