नशे के खिलाफ एकजुट हुआ नारायणपुर, युवाओं को दिया स्वस्थ जीवन का मंत्र
अंतरराष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने लिया नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प

विशेषज्ञों ने बताया- तंबाकू केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और समाज के विकास का दुश्मन
नारायणपुर। जिले में अंतरराष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिवस पर रविवार को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश गूंजा। समाज कल्याण विभाग, जिला प्रशासन और कृषि महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को तंबाकू, धूम्रपान एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी पहचान हैं, इसलिए नशे से दूरी और जागरूकता दोनों जरूरी हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, ग्रामीणों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने युवाओं से नशे की आदतों से दूर रहकर सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
तंबाकू से स्वास्थ्य ही नहीं, समाज भी प्रभावित
कृषि महाविद्यालय के डॉ. नवीन मरकाम ने धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है तथा परिवार और समाज की प्रगति में भी बाधा बनता है।
वहीं डॉ. पुष्पराज दीवान ने तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को जागरूक रहने की सलाह दी।
जनजागरूकता ही नशे के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार
समाज कल्याण विभाग की प्रभारी अधीक्षक श्रीमती संगीता ज्ञानेश्वरी ध्रुव ने कहा कि धूम्रपान और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों और ग्रामीणों से स्वयं नशामुक्त रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों श्रीमती लक्ष्मी कुलदीप, श्री अनिल वार्डे एवं श्रीमती लक्ष्मण दई मरकाम की भी उपस्थिति रही।
‘नशामुक्त संस्थान’ के रूप में पहचान बना चुका है महाविद्यालय
कार्यक्रम के दौरान कृषि महाविद्यालय द्वारा नशामुक्ति और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की गई। बताया गया कि महाविद्यालय को पूर्व में ‘नशामुक्त संस्थान’ के रूप में प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जा चुका है, जो संस्थान की सामाजिक प्रतिबद्धता और सकारात्मक प्रयासों का प्रमाण है।
स्वस्थ समाज निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम का संचालन कविता एवं देव निराला ने किया। आयोजन को सफल बनाने में एनएसएस स्वयंसेवकों दीपक गुप्ता, अमनराज, वैभव, कृपाल सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों, ग्रामीणों और अधिकारियों ने तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।
“नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” का संदेश देकर नारायणपुर में युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ जनजागरूकता ही समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।




