कोहकामेटा में विकास का नया प्रहरी: 42 साल की यात्रा के बाद आधुनिक थाना भवन का लोकार्पण
पुलिस चौकी से शुरू हुआ सफर, अब आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन बना अबूझमाड़ में सुरक्षा और जनविश्वास का नया केंद्र

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया लोकार्पण, बोले- बदलते अबूझमाड़ में शांति, सुरक्षा और विकास साथ-साथ बढ़ रहे हैं
(कैलाश सोनी) कोहकामेटा/नारायणपुर। अबूझमाड़ के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित कोहकामेटा ने रविवार को विकास की एक और ऐतिहासिक इबारत लिख दी। जिस स्थान पर वर्ष 1980 में एक छोटी पुलिस चौकी के रूप में प्रशासनिक उपस्थिति की शुरुआत हुई थी, वहीं आज आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नवीन थाना भवन का लोकार्पण हुआ। वन, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने फीता काटकर नए भवन का उद्घाटन किया और इसे अबूझमाड़ में बढ़ते जनविश्वास, सुशासन और सुरक्षा का प्रतीक बताया।

लोकार्पण समारोह में प्रदेश लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में उत्साह साफ दिखाई दिया। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव और प्रशासनिक चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में आधुनिक थाना भवन को लोग बदलाव के नए संकेत के रूप में देख रहे हैं।
42 वर्षों की कहानी: चौकी से आधुनिक थाने तक
कोहकामेटा थाना का इतिहास अबूझमाड़ के बदलते दौर का साक्षी रहा है। स्थानीय अभिलेखों और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1980 में तत्कालीन मध्यप्रदेश शासन ने क्षेत्र में प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने और कानून व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से यहां पुलिस चौकी स्थापित की थी। बढ़ती जरूरतों को देखते हुए वर्ष 1984 में इसे पूर्ण थाना का दर्जा दिया गया।
हालांकि बाद के वर्षों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों और नक्सली गतिविधियों के विस्तार के कारण प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित होती रहीं। एक समय ऐसा भी आया जब यह इलाका नक्सली प्रभाव का प्रमुख केंद्र बन गया और शासन की पहुंच सीमित हो गई।
2018 के बाद बदली तस्वीर
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद शासन और पुलिस प्रशासन ने अबूझमाड़ में पुनः प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास शुरू किए। इसी क्रम में वर्ष 2018 में कोहकामेटा में पुलिस जनसुविधा केंद्र (कैंप) की स्थापना की गई। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य विकास कार्यों को गति मिली।
इसके बाद 1 जनवरी 2020 को पुलिस जनसुविधा केंद्र परिसर से थाना कोहकामेटा का पुनः संचालन शुरू किया गया। थाना पुनः सक्रिय होने के साथ ही पुलिस और ग्रामीणों के बीच संवाद बढ़ा तथा कानून व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
अबूझमाड़ में प्रशासनिक भरोसे की नई पहचान
रविवार को लोकार्पित भवन केवल पुलिस अधोसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि बदलते अबूझमाड़ की नई पहचान बनकर सामने आया। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराएगा, वहीं आम नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं मिल सकेंगी।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां प्रशासन तक पहुंचना मुश्किल था, वहीं अब गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं। नया थाना भवन इसी बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
मंत्री बोले- विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा अबूझमाड़
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में हुए सकारात्मक परिवर्तन इस बात के प्रमाण हैं कि शासन दूरस्थ क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि नया थाना भवन क्षेत्र में जनविश्वास, सुशासन और सुरक्षा को और अधिक मजबूती देगा तथा लोगों को बेहतर प्रशासनिक और पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जनता और पुलिस के बीच समन्वय का केंद्र बनेगा भवन
पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया ने कहा कि कोहकामेटा थाना का नया भवन पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय का केंद्र बनेगा। यह केवल भवन नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। नारायणपुर पुलिस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है और विकास एवं विश्वास की इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कभी नक्सल प्रभाव और प्रशासनिक चुनौतियों के लिए चर्चित रहा कोहकामेटा आज विकास, सुरक्षा और जनविश्वास की नई कहानी लिख रहा है। वर्ष 1980 की छोटी पुलिस चौकी से शुरू हुई यात्रा का आधुनिक थाना भवन तक पहुंचना केवल अधोसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि बदलते अबूझमाड़ की नई पहचान है। यह भवन आने वाले वर्षों में क्षेत्र में सुशासन, सुरक्षा और विकास की मजबूत आधारशिला साबित होगा।




