71 दीपों से सजी कृषि रंगोली, 501 दीपों से दमका लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय
‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम में ज्ञान, कृषि और सेवा का संदेश; छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण जीवन की थीम पर सजाई आकर्षक रंगोली

नारायणपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में गुरुवार शाम ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आयोजित किया गया। शाम 6 बजे जैसे ही दीप प्रज्ज्वलित हुए, पूरा महाविद्यालय परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कृषि एवं ग्रामीण जीवन की थीम पर आकर्षक रंगोली तैयार की। रंगोली के चारों ओर विशेष रूप से 71 दीपक सजाए गए। वहीं परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 501 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। दीपों की रोशनी से सजी कृषि आधारित रंगोली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।

रंगोली में दिखी कृषि और ग्रामीण जीवन की झलक
छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई रंगोली में कृषि एवं ग्रामीण जीवन की विषयवस्तु को प्रमुखता दी गई। रंगोली के चारों ओर कतारबद्ध दीपों ने इसकी सुंदरता को और बढ़ा दिया। परिसर में अलग-अलग स्थानों पर प्रज्वलित किए गए 501 दीपों ने पूरे आयोजन को आकर्षक रूप प्रदान किया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ महाविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए सेवा, ज्ञान और सकारात्मक सोच का संदेश दिया।
‘दीप ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक’
इस अवसर पर महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने कहा कि दीप केवल अंधकार को दूर करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, आशा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। जिस प्रकार एक दीप स्वयं जलकर अनेक दीपों को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी अपने ज्ञान, प्रतिभा और सेवा भावना के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रकाश फैलाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
कृषि शिक्षा का उद्देश्य किसान और गांव का विकास
डॉ. नशीने ने कहा कि कृषि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य कृषि, किसान और ग्रामीण समाज के विकास में ज्ञान एवं नवाचार का उपयोग करना है। विद्यार्थियों को अपने विषय का ज्ञान हासिल करने के साथ-साथ सेवा, संवेदना, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में शिक्षित और प्रशिक्षित युवा ज्ञान एवं नवाचार के माध्यम से किसानों तथा ग्रामीण समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
501 दीपों की रोशनी में दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
महाविद्यालय परिसर में 501 दीपों का सामूहिक प्रज्ज्वलन और कृषि थीम पर 71 दीपों से सजाई गई रंगोली ने कार्यक्रम को विशेष पहचान दी। दीपों की रोशनी के बीच विद्यार्थियों ने ज्ञान, कृषि, सेवा, संस्कार, सकारात्मकता और राष्ट्र निर्माण की भावना का संदेश दिया।
कार्यक्रम में डॉ. नरेंद्र कुमार नाग, डॉ. होमेंद्र सुवाना, डॉ. विवेक विश्वकर्मा, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, श्रीमती सोमा बंचोर एवं श्रीमती उमा साहू सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
एक नजर में
- कृषि थीम पर रंगोली: छात्र-छात्राओं ने तैयार की
- रंगोली के चारों ओर: 71 दीप प्रज्ज्वलित
- महाविद्यालय परिसर में: 501 दीप जलाए गए
- कार्यक्रम का समय: शाम 6 बजे
- संदेश: ज्ञान, कृषि, सेवा, संस्कार और सकारात्मकता



