28 किलोमीटर दौड़ी डायल-112, सर्पदंश पीड़ित के लिए बनी जीवन की उम्मीद
एड़का क्षेत्र के बड़ागांव में सांप के काटने से बिगड़ी थी हालत, पुलिस की तत्परता से समय पर मिला उपचार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर बचाई जान, डायल-112 सेवा ने फिर निभाई जनसेवा की मिसाल
नारायणपुर, 23 जून। छत्तीसगढ़ पुलिस की डायल-112 आपातकालीन सेवा ने एक बार फिर संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए सर्पदंश से पीड़ित एक ग्रामीण की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) टीम ने 28 किलोमीटर का सफर तय कर पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसे तत्काल उपचार मिल सका और उसकी स्थिति सुरक्षित बनी रही।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 22 जून को डायल-112 को सूचना प्राप्त हुई कि थाना एड़का क्षेत्र के ग्राम बड़ागांव में एक व्यक्ति को सांप ने काट लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 की टीम तत्काल सक्रिय हुई और बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हो गई।
करीब 28 किलोमीटर की दूरी तय कर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सर्पदंश पीड़ित को सुरक्षित वाहन में बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने तत्काल उसका उपचार शुरू किया। समय पर पुलिस सहायता और चिकित्सा सुविधा मिलने से पीड़ित की हालत स्थिर रही और बड़ा खतरा टल गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डायल-112 सेवा लगातार आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाकर जनसेवा का कार्य कर रही है। नारायणपुर पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय तत्पर है।
मुसीबत की घड़ी में मददगार बनी पुलिस
दुर्गम ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में अक्सर समय लग जाता है। ऐसे में डायल-112 सेवा लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य कर रही यह सेवा जरूरतमंदों के लिए भरोसे का माध्यम बनती जा रही है।
एक नजर में
- 22 जून को मिली थी सर्पदंश की सूचना।
- थाना एड़का क्षेत्र के बड़ागांव का मामला।
- डायल-112 की ईआरवी टीम ने 28 किलोमीटर का सफर तय किया।
- पीड़ित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो पहुंचाया गया।
- समय पर उपचार मिलने से सुरक्षित रही पीड़ित की स्थिति।
- आपातकालीन सेवाओं में फिर मिसाल बनी डायल-112।
आपदा में सहारा, संकट में प्रहरी
सर्पदंश जैसी गंभीर परिस्थितियों में समय पर उपचार ही जीवन बचाने की सबसे बड़ी कुंजी होती है। ऐसे में डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया न केवल पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि आपातकालीन सेवाएं अब ग्रामीण अंचलों में भी लोगों के लिए संजीवनी बन रही हैं।




