स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और कुपोषण मुक्ति पर कलेक्टर का फोकस
समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव, ‘मायका सेंटर’ के प्रभावी संचालन और जनजागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश, दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

नारायणपुर, 01 जुलाई। कलेक्टर नम्रता जैन ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं महिला-बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को समन्वित ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने, ‘मायका सेंटर’ के प्रभावी संचालन, कुपोषण मुक्ति अभियान में तेजी लाने तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया।

बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिले के अंदरूनी एवं मैदानी क्षेत्रों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए।
बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं, संस्थागत प्रसव, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित उपस्थिति बनाए रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए।
‘मायका सेंटर’ से सुरक्षित मातृत्व को मिलेगा बढ़ावा
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि जिले में संस्थागत प्रसव को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ‘मायका सेंटर’ का संचालन पूरी गंभीरता और व्यवस्थित तरीके से किया जाए, ताकि दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व सुरक्षित वातावरण, आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं तथा समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार आएगा।
ऑडियो-वीडियो सामग्री और सोशल मीडिया से बढ़ाएं जागरूकता
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता के लिए जनजागरूकता सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए निर्देश दिए कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं, उपलब्ध सुविधाओं और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए ऑडियो-वीडियो सामग्री तैयार की जाए। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर ग्रामीणों को जागरूक बनाया जाए।
कुपोषण मुक्ति अभियान में तेजी लाने के निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, पोषण आहार वितरण एवं कुपोषण मुक्ति अभियान की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एएनएम, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टी.आर. कंवर, जिला कार्यक्रम अधिकारी लुपेंद्र महिनाग, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव बघेल, सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा दोनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



