पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर नवगठित नारायणपुर प्रेस क्लब की दमदार पहल, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ शासन से पंजीकृत संस्था ने उठाई पत्रकारों की सुरक्षा की आवाज, सदस्यता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए जिले के पत्रकारों को मिलेगा सशक्त मंच

नारायणपुर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मजबूती और पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर जिले में हाल ही में गठित एवं छत्तीसगढ़ शासन से विधिवत पंजीकृत संस्था नारायणपुर प्रेस क्लब ने अपनी पहली बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम कलेक्टर नम्रता जैन को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में लंबे समय से लंबित पत्रकार सुरक्षा कानून को अधिसूचित कर प्रभावी रूप से लागू करने तथा पत्रकारों के विरुद्ध होने वाली प्रतिशोधात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई।

विशेष बात यह है कि पत्रकार हितों की रक्षा के उद्देश्य से गठित नारायणपुर प्रेस क्लब का गठन हाल ही में हुआ है और संस्था ने अपने गठन के कुछ ही समय बाद पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को प्राथमिकता देते हुए सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ शासन से पंजीकृत है नारायणपुर प्रेस क्लब
नारायणपुर प्रेस क्लब सोसायटी का पंजीयन छत्तीसगढ़ सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1973 के अंतर्गत किया गया है। संस्था को पंजीयन क्रमांक- 122202623354 प्रदान किया गया है। संस्था का कार्यालय तहसीलपारा वार्ड क्रमांक-3, नारायणपुर में स्थित है।
इस पंजीयन के साथ ही नारायणपुर प्रेस क्लब जिले के पत्रकारों के लिए एक अधिकृत और संगठित मंच के रूप में अस्तित्व में आया है, जिसका उद्देश्य पत्रकारों के हितों की रक्षा, पेशेवर मजबूती और संगठनात्मक एकजुटता को बढ़ावा देना है।
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उठाई आवाज
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता के लिए पत्रकारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना शासन की जिम्मेदारी है। वर्ष 2023 में तैयार किए गए पत्रकार सुरक्षा कानून को विधानसभा से पारित कर राज्यपाल के समक्ष भेजा गया था, लेकिन आज तक इसे अधिसूचित कर लागू नहीं किया गया है।
ज्ञापन में विशेष रूप से बस्तर अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पत्रकारों के विरुद्ध बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई, दबाव और प्रतिशोधात्मक कदमों पर चिंता व्यक्त की गई है।
सात सूत्रीय मांगों के जरिए शासन का ध्यान आकर्षित
प्रेस क्लब ने पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करने, उसके प्रावधानों के पालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने, पत्रकारों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
इसके अलावा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को पत्रकारों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाने के निर्देश जारी करने, पत्रकार संगठनों और प्रशासन के बीच नियमित संवाद तंत्र विकसित करने तथा स्वतंत्र पत्रकारिता के संरक्षण के लिए संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी गारंटी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया है।
जिले के पत्रकारों को मिलेगा मजबूत मंच
नवगठित नारायणपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल पत्रकारों के हितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि जिले के सभी पत्रकारों को एक मजबूत और संगठित मंच प्रदान करना भी है। इसके लिए जल्द ही सदस्यता अभियान चलाकर जिले भर के पत्रकारों को प्रेस क्लब से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि संस्था पत्रकारों की सुरक्षा, क्षमता संवर्धन और पेशेवर दक्षता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और संवाद सत्र आयोजित करेगी। साथ ही पत्रकारों से जुड़े सामाजिक, कानूनी और व्यावसायिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प
प्रेस क्लब ने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर राज्य सरकार सकारात्मक पहल करेगी। संस्था का मानना है कि सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलने से स्वतंत्र पत्रकारिता को मजबूती मिलेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण और अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
इनकी रही मौजूदगी
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के दौरान विशाल चौहान, डिगेश जैन, असफाक अहमद, हेमंत संचेती, कैलाश सोनी, आकाश ठाकुर, हरीश, अतुल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।




