अब नारायणपुर पुलिस होगी पूरी तरह ‘स्मार्ट’
जांच अधिकारियों को मिले 135 स्मार्ट मोबाइल टर्मिनल, घटनास्थल से ही अपलोड होंगे डिजिटल साक्ष्य; विवेचना होगी तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। अपराध अनुसंधान को तकनीक से जोड़ते हुए नारायणपुर पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। जिले के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल (भा.पु.से.) ने गुरुवार को जिले के सभी थानों में पदस्थ 135 जांच अधिकारियों को मोबाइल डेटा टर्मिनल (स्मार्टफोन) वितरित किए। इन उपकरणों के जरिए अब पुलिस अधिकारी घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित कर सीधे ई-साक्ष्य प्रणाली पर अपलोड कर सकेंगे। इससे विवेचना प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक होगी।

भारत सरकार द्वारा लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ई-साक्ष्य (e-Sakshya) प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इससे डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन और वैज्ञानिक प्रबंधन को नई गति मिलेगी।
घटनास्थल से ही तैयार होगी डिजिटल केस फाइल
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने कहा कि आधुनिक तकनीक गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग की सबसे मजबूत आधारशिला है। मोबाइल डेटा टर्मिनल मिलने के बाद जांच अधिकारी घटनास्थल से ही फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य तत्काल ई-साक्ष्य एप पर अपलोड कर सकेंगे। इससे साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना कम होगी और उनकी विश्वसनीयता भी बनी रहेगी।
उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी ऑनलाइन दस्तावेजों का आदान-प्रदान, केस डायरी से जुड़े कार्य, विभिन्न पुलिस एप्लीकेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग भी तेजी से कर सकेंगे। इससे जांच की गति बढ़ेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा।
नए कानूनों के अनुरूप होगी आधुनिक विवेचना
नए आपराधिक कानूनों में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका को अधिक महत्व दिया गया है। ऐसे में स्मार्टफोन आधारित मोबाइल डेटा टर्मिनल जांच अधिकारियों के लिए आधुनिक उपकरण के रूप में कार्य करेंगे। इससे घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों का तत्काल डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और ‘चेन ऑफ कस्टडी’ भी सुरक्षित रहेगी, जिससे न्यायालय में साक्ष्यों की स्वीकार्यता और मजबूती बढ़ेगी।
डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगा नया आयाम
पुलिस विभाग का मानना है कि यह पहल केवल जांच प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल पुलिसिंग को भी नई दिशा देगी। आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग से अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ेगी, शिकायतों का निराकरण तेज होगा और आम नागरिकों को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी पुलिस सेवाएं मिल सकेंगी।
स्मार्ट डिवाइस से मिलेंगे ये बड़े फायदे
- 135 जांच अधिकारियों को मिले मोबाइल डेटा टर्मिनल।
- घटनास्थल से तत्काल फोटो, वीडियो और डिजिटल साक्ष्य अपलोड होंगे।
- ई-साक्ष्य (e-Sakshya) प्रणाली से जुड़ेगी पूरी विवेचना।
- केस डायरी और दस्तावेजों का ऑनलाइन निष्पादन होगा।
- साक्ष्यों की विश्वसनीयता और ‘चेन ऑफ कस्टडी’ रहेगी सुरक्षित।
- नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप होगी वैज्ञानिक जांच।
- पारदर्शी, त्वरित और तकनीक आधारित पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा।
“तकनीक का प्रभावी उपयोग ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग की पहचान है। मोबाइल डेटा टर्मिनल से विवेचना कार्य अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगा, जिससे आमजन को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी।”
— संदीप कुमार पटेल, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर




