28 साल बाद गारपा उद्यान में लौटी रौनक, मुख्यमंत्री ने खाट चौपाल में सुनी अबूझमाड़ की आवाज
नक्सलवाद की समाप्ति के बाद पहली बार गारपा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, 50 बिस्तरों वाले अस्पताल, सड़क और पुलिया निर्माण की घोषणा

गारपा (अबूझमाड़), नारायणपुर से कैलाश सोनी।
अबूझमाड़ के दुर्गम अंचल गारपा ने सोमवार को एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तहत यहां पहुंचे। कभी नक्सल हिंसा और भय के साये में रहने वाला गारपा गांव मुख्यमंत्री के आगमन से उत्साह और उम्मीदों से भर उठा। वर्षों बाद गारपा उद्यान में फिर से रौनक लौटी और ग्रामीणों ने इसे विकास के नए दौर की शुरुआत बताया।

मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर गारपा स्थित बीएसएफ कैंप में उतरा। यहां से उनका काफिला सीधे उस गारपा उद्यान पहुंचा, जो पिछले 28 वर्षों से वीरान पड़ा था। मुख्यमंत्री के आगमन से उद्यान एक बार फिर ग्रामीणों की चहल-पहल और उत्सव के माहौल से गुलजार नजर आया।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री केदार कश्यप का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आत्मीय स्वागत किया। पगड़ी और पारंपरिक पंख पहनाकर सम्मानित किए गए मुख्यमंत्री ने भी ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने गांव में स्थित विशाल सतपरणी वृक्ष के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया।
भय से भरोसे तक की कहानी सुनाई ग्रामीणों ने
चौपाल के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। लंबे समय तक नक्सलवाद की वजह से अलगाव और दहशत में जीवन बिताने वाले ग्रामीण पहली बार अपने मुख्यमंत्री से आमने-सामने संवाद कर रहे थे। ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं, जरूरतों और अपेक्षाओं को खुलकर रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण अबूझमाड़ के लोग करीब छह दशकों तक भय के वातावरण में जीवन जीने को मजबूर रहे। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है और अब विकास की गति तेज की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के विकास और यहां के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
अस्पताल, सड़क और पुलिया की सौगात
ग्रामीणों की मांगों पर मुख्यमंत्री ने गारपा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने 50 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण, सड़क निर्माण और पुलिया निर्माण की स्वीकृति देने की घोषणा की। घोषणाओं के साथ ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
सुशासन तिहार बना विश्वास का मंच
सुशासन तिहार के इस आयोजन ने शासन और जनता के बीच संवाद को नई मजबूती दी। अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र में मुख्यमंत्री की मौजूदगी को ग्रामीणों ने विश्वास और विकास का संदेश बताया। लंबे समय तक उपेक्षा और असुरक्षा की छाया झेलने वाले गारपा में अब विकास, शांति और नई उम्मीदों की चर्चा है।
प्रमुख बातें
- नक्सलवाद की समाप्ति के बाद पहली बार गारपा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- 28 वर्षों से बंद पड़े गारपा उद्यान में फिर लौटी रौनक
- सतपरणी वृक्ष के नीचे खाट चौपाल लगाकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
- 50 बिस्तरों वाले अस्पताल, सड़क और पुलिया निर्माण की घोषणा
- पारंपरिक वेशभूषा और पगड़ी पहनाकर ग्रामीणों ने किया स्वागत
- सुशासन तिहार बना अबूझमाड़ में विकास और विश्वास का प्रतीक




