बस्तर की वादियों का सपना अधूरा रह गया: मुंबई की बाइक राइडर रिद्धि की सड़क हादसे में मौत
23 महिला बाइक राइडर्स के काफिले के साथ बस्तर की ओर निकली थी 24 वर्षीय रिद्धि; धमतरी के जगतरा-मड़का टोला मोड़ पर ट्रेलर की चपेट में आई बाइक

धमतरी/बस्तर। बस्तर की खूबसूरत वादियों को करीब से देखने का सपना लेकर मुंबई से निकली 23 महिला बाइक राइडर्स की यात्रा धमतरी की सीमा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद मातम में बदल गई। मुंबई के कांदिवली निवासी 24 वर्षीय रिद्धि ठक्कर की जगतरा-मड़का टोला मोड़ के पास सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। रिद्धि बाइक से मुंबई से नागपुर, रायपुर और धमतरी होते हुए बस्तर की ओर जा रही थीं।

खुशनुमा सफर अचानक हादसे में बदला
जानकारी के अनुसार 23 महिला बाइक राइडर्स का दल बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती देखने और वहां घूमने के उद्देश्य से निकला था। सभी बाइक से एक साथ सफर कर रही थीं। धमतरी जिले की सीमा में जगतरा-मड़का टोला मोड़ के पास पहुंचते ही यह खुशनुमा सफर अचानक हादसे में बदल गया।
बताया गया कि मोड़ के पास रिद्धि की बाइक अनियंत्रित होकर तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रिद्धि गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद साथी बाइक राइडर्स तत्काल मदद के लिए आगे आईं और उन्हें उपचार के लिए धमतरी के निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों की कोशिश भी नहीं बचा सकी जान
अस्पताल में चिकित्सकों ने रिद्धि को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन चोटें बेहद गंभीर थीं। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रिद्धि की मौत की खबर मिलते ही बाइक राइडर्स के पूरे समूह में शोक की लहर दौड़ गई। कुछ देर पहले तक जिस काफिले में उत्साह और रोमांच था, वहां साथी को खोने का गम छा गया।
रिद्धि के पिता का नाम दिव्येश ठक्कर बताया गया है। हादसे की सूचना पर परिवार को भी जानकारी दी गई।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू की गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोड़ पर बाइक किस वजह से अनियंत्रित हुई और ट्रेलर की गति कितनी थी। हादसे में किसी तरह की लापरवाही या अन्य कारण की भूमिका रही या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
साथियों ने संभाला जिम्मा, एयरपोर्ट तक पहुंचाया पार्थिव शरीर
पोस्टमार्टम सहित आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद वरदान परमार्थ एंबुलेंस सेवा संस्था की ओर से शिवा प्रधान और डुमन ने रिद्धि के पार्थिव शरीर को एयरपोर्ट तक पहुंचाने में सहयोग किया। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके गृह नगर मुंबई भेजने की व्यवस्था की गई।
महापौर रोहरा ने एयरपोर्ट पहुंचकर दी विदाई
दुख की इस घड़ी में धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने रिद्धि के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। महापौर स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे और रिद्धि के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी।
वहीं खूब लाल ध्रुव ने भी परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
बस्तर की यात्रा बनी जिंदगी की आखिरी राइड
रिद्धि ठक्कर के लिए बस्तर की खूबसूरत वादियों को देखने की यह यात्रा जिंदगी की आखिरी राइड साबित हुई। जिस काफिले में कुछ घंटे पहले तक रोमांच, उत्साह और सफर की खुशियां थीं, उसी में एक साथी को खोने का दर्द अब हमेशा के लिए जुड़ गया है। रिद्धि की असमय मौत से परिवार, मित्रों और महिला बाइक राइडिंग समुदाय में शोक की लहर है। साथियों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।




