नारायणपुर से सीमा तक पहुंचेंगे 4 हजार रक्षा सूत्र, ‘ऑपरेशन सिपाही’ बना राष्ट्रभक्ति का जनआंदोलन
रक्षाबंधन पर देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों को भेजी जाएंगी विद्यार्थियों की राखियां, महिला मोर्चा ने कहा— हर रक्षा सूत्र में समाया है पूरे जिले का सम्मान और विश्वास

नारायणपुर। रक्षाबंधन पर्व को देशभक्ति और सैनिक सम्मान से जोड़ते हुए भाजपा महिला मोर्चा के ‘ऑपरेशन सिपाही–रक्षा सूत्र संग्रहण अभियान’ ने नारायणपुर में जनआंदोलन का रूप ले लिया है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक 4 हजार से अधिक रक्षा सूत्र (राखियां) तैयार किए। ये रक्षा सूत्र रक्षाबंधन के अवसर पर देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों को भेजे जाएंगे।

अभियान में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लेते हुए सैनिकों के प्रति अपने सम्मान और प्रेम को रक्षा सूत्रों के माध्यम से व्यक्त किया। कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला और बच्चों ने सैनिकों के त्याग व बलिदान के प्रति अपनी भावनाएं प्रकट कीं।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रमशीला नाग एवं जिलाध्यक्ष संगीता जैन ने कहा कि रक्षा सूत्र का प्रत्येक धागा केवल एक राखी नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जो वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर भारत माता की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, उन्हें यह एहसास होना चाहिए कि नारायणपुर का प्रत्येक परिवार, प्रत्येक बहन और प्रत्येक विद्यार्थी उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिपाही’ केवल रक्षा सूत्र भेजने का अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति को जनभागीदारी से जोड़ने वाला प्रेरणादायी प्रयास है। इससे नई पीढ़ी में सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान के प्रति सम्मान की भावना और अधिक मजबूत होगी।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, रानो पोटाई, प्रभा महंत, दीपाली नाग, खुशबू जैन, रानू अधिकारी सहित महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
- जिले के विद्यालयों में तैयार हुए 4 हजार से अधिक रक्षा सूत्र।
- रक्षाबंधन पर सीमा पर तैनात सैनिकों को भेजी जाएंगी राखियां।
- अभियान का उद्देश्य सैनिकों के प्रति सम्मान और नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त करना।
- महिला मोर्चा ने इसे जनभागीदारी से जुड़ा राष्ट्रभक्ति का अभियान बताया।
“सीमा पर जब तक हमारे वीर जवान अडिग हैं, तब तक भारत सुरक्षित है। उनके सम्मान में नारायणपुर सदैव कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।”




