तीन दिन बाद घर लौटे अबूझमाड़ के माड़िया परिवार, रस्सी के सहारे उफनता नाला पार कर सुरक्षित निकाले गए सैकड़ों ग्रामीण
ओरछा के साप्ताहिक बाजार में बाढ़ से फंसे थे विशेष जनजाति के माड़िया ग्रामीण, बारिश थमते ही प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा

नारायणपुर। लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद अबूझमाड़ के दूरस्थ इलाकों में जनजीवन पटरी से उतर गया। ओरछा मुख्यालय के साप्ताहिक बाजार में खरीदारी और कृषि उपज बेचने पहुंचे विशेष संरक्षित जनजाति (पीवीटीजी) माड़िया समुदाय के सैकड़ों ग्रामीण उफनते नदी-नालों के कारण अपने गांवों तक नहीं लौट सके। बारिश थमने और जलस्तर घटने के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त पहल से नदीपारा नाले पर रस्सी बांधकर सुरक्षित मार्ग बनाया गया, जिसके सहारे एक-एक कर सभी ग्रामीणों को सुरक्षित उनके गांवों के लिए रवाना किया गया।
बुधवार को बाजार पहुंचे अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों के माड़िया ग्रामीण तेज बारिश और बाढ़ के कारण ओरछा मुख्यालय में ही फंस गए थे। नदी-नालों में तेज बहाव होने से गांव लौटना जानलेवा साबित हो सकता था। ऐसे में ग्रामीणों ने तीन दिन तक मुख्यालय में ही रुककर मौसम सामान्य होने का इंतजार किया।
बारिश थमने के बाद प्रशासन ने बिना देर किए राहत अभियान शुरू किया। नदीपारा नाले के दोनों किनारों पर मजबूत रस्सी बांधकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई। पुलिस जवान पूरे समय मुस्तैद रहे और ग्रामीणों को सावधानीपूर्वक एक-एक कर नाला पार कराया। राहत की बात रही कि पूरे अभियान के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
राहत एवं बचाव कार्य के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष नरेश कोर्राम, ओरछा ग्राम पंचायत के सरपंच, प्रशासनिक अधिकारी तथा स्थानीय ग्रामीण लगातार मौके पर मौजूद रहे। सभी के समन्वित प्रयास से सैकड़ों माड़िया ग्रामीण सुरक्षित अपने गांवों की ओर रवाना हो सके।
जनपद पंचायत अध्यक्ष नरेश कोर्राम ने बताया कि साप्ताहिक बाजार में आए दूरस्थ गांवों के ग्रामीण बुधवार से ही बाढ़ के कारण ओरछा में फंसे हुए थे। शुक्रवार को जलस्तर कम होने पर प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से नदीपारा नाले पर रस्सी बांधकर सुरक्षित मार्ग तैयार किया गया, जिससे ग्रामीणों को बिना किसी जोखिम के घर भेजा जा सका।
- विशेष संरक्षित जनजाति (पीवीटीजी) माड़िया समुदाय के सैकड़ों ग्रामीण तीन दिन तक ओरछा में फंसे रहे।
- साप्ताहिक बाजार में खरीदारी और कृषि उपज बेचने पहुंचे थे ग्रामीण।
- जलस्तर घटने पर प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे सुरक्षित कराया नाला पार।
- संयुक्त प्रयास से टला बड़ा हादसा, सभी ग्रामीण सुरक्षित अपने गांवों तक पहुंचे।




