डायल-112 की चौकसी पर पुलिस की पैनी नजर, औचक परीक्षण में परखी गई त्वरित कार्रवाई
फर्जी दुर्घटना और मारपीट की सूचना देकर किया गया रिस्पांस टेस्ट, निर्धारित समय में पहुंची टीम

एएसपी अजय कुमार खुद डायल-112 वाहन में सवार हुए, उपकरणों से लेकर कंट्रोल रूम समन्वय तक की हुई जांच
नारायणपुर। आमजन को संकट की घड़ी में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता को परखने के लिए नारायणपुर पुलिस ने शनिवार को विशेष औचक निरीक्षण और टेस्ट इवेंट आयोजित किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों से काल कर फर्जी घटनाओं की सूचना देकर रिस्पांस टाइम, संचार व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों की गुणवत्ता का परीक्षण किया। निर्धारित समयावधि में घटनास्थल पर पहुंची टीम की तत्परता की अधिकारियों ने सराहना की।

वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों से जनरेट किए टेस्ट इवेंट
विशेष निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक, एसडीओपी नारायणपुर लोकेश बंसल, एसडीओपी छोटेडोंगर अभिषेक केसरी, एसडीओपी बेनूर अविनाश कंवर, डीएसपी आशीष नेताम, अजय सिंह और अरविंद खलखो ने जिले के विभिन्न स्थानों से टेस्ट इवेंट जनरेट कर डायल-112 सेवा की गुणवत्ता और तत्परता का निरीक्षण किया।
दो बाइक की भिड़ंत और मारपीट की सूचना देकर परखा रिस्पांस
एसडीओपी छोटेडोंगर अभिषेक केसरी ने डायल-112 कंट्रोल रूम में फोन कर दो मोटरसाइकिलों की टक्कर के बाद मारपीट होने की सूचना देकर एक टेस्ट इवेंट तैयार कराया। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित ईआरवी वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया और पूरे रिस्पांस की निगरानी की गई।
एएसपी खुद पहुंचे डायल-112 वाहन के साथ
विशेष बात यह रही कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार स्वयं एक ईआरवी प्लेसमेंट प्वाइंट से जनरेट किए गए टेस्ट इवेंट के दौरान डायल-112 वाहन में सवार होकर घटनास्थल तक पहुंचे। उन्होंने कंट्रोल रूम से सूचना मिलने से लेकर वाहन के रवाना होने, रास्ते में समन्वय और मौके तक पहुंचने में लगे समय का बारीकी से परीक्षण किया।
निर्धारित समय में टीम के घटनास्थल पहुंचने पर उन्होंने डायल-112 स्टाफ की तत्परता और बेहतर रिस्पांस टाइम की सराहना करते हुए आपात परिस्थितियों में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
जीपीएस, वायरलेस और टैबलेट सिस्टम की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंट्रोल रूम और फील्ड स्टाफ के बीच समन्वय, सूचना आदान-प्रदान की प्रक्रिया तथा मौके पर पहुंचने के बाद की जाने वाली कार्रवाई का सूक्ष्म परीक्षण किया। इसके साथ ही डायल-112 वाहनों में लगे जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, वायरलेस संचार उपकरण, टैबलेट आधारित रिपोर्टिंग सिस्टम, सायरन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, प्राथमिक उपचार सामग्री और अन्य सुरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता भी जांची गई।
सभी संसाधनों का संचालन कर उनकी गुणवत्ता परखी गई तथा आवश्यक सुधारात्मक सुझाव दिए गए।
महिला सुरक्षा और सड़क हादसों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
अधिकारियों ने डायल-112 स्टाफ को निर्देशित किया कि महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं, मारपीट, आपातकालीन स्थितियों और अन्य अपराध संबंधी सूचनाओं पर त्वरित एवं प्रभावी रिस्पांस सुनिश्चित किया जाए तथा घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से की जाए।
बोले एएसपी— संकट की घड़ी में सबसे बड़ा सहारा है डायल-112
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने कहा कि डायल-112 सेवा आमजन को संकट की घड़ी में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसकी गुणवत्ता बनाए रखने और इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के औचक निरीक्षण और टेस्ट इवेंट आयोजित किए जाते रहेंगे।
क्या-क्या परखी गई डायल-112 सेवा में
- रिस्पांस टाइम और त्वरित कार्रवाई
- कंट्रोल रूम और फील्ड स्टाफ का समन्वय
- जीपीएस ट्रैकिंग और वायरलेस संचार व्यवस्था
- टैबलेट आधारित रिपोर्टिंग सिस्टम
- सायरन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम
- प्राथमिक उपचार सामग्री और सुरक्षा उपकरण
- महिला सुरक्षा और सड़क दुर्घटना मामलों में कार्रवाई की तैयारी
नारायणपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए डायल-112 सेवा को और अधिक तकनीकी रूप से सक्षम, त्वरित और जनहितकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।



