संवेदनशील गांव में पहुंची पुलिस की मैत्री चौपाल
कांकेर बेड़ा में “माड़ मैत्री” अभियान के तहत ग्रामीणों को कानून, साइबर सुरक्षा और महिला अधिकारों की दी जानकारी

युवाओं को “माड़ मित्र” बनाकर विकास और जनसहभागिता से जोड़ने की पहल
(संतोष मजूमदार) छोटेडोंगर । नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में जनविश्वास मजबूत करने की दिशा में नारायणपुर पुलिस लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को छोटे डोंगर थाना क्षेत्र के संवेदनशील ग्राम कांकेर बेड़ा में “माड़ मैत्री – मैत्री चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चौपाल में ग्रामीणों को कानून, सामाजिक जागरूकता, साइबर सुरक्षा और महिला अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के मार्गदर्शन, एसडीओपी अभिषेक केशरी के दिशा-निर्देश तथा थाना प्रभारी हरिशंकर ध्रुव के नेतृत्व में आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर विश्वास और सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया।
चौपाल में ग्रामीण महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों को नए कानूनों की जानकारी, यातायात नियमों के पालन, बाल विवाह निषेध, महिला संबंधी अपराध, घरेलू हिंसा से संरक्षण तथा नारी सशक्तिकरण जैसे विषयों पर सरल भाषा में जागरूक किया गया। इसके साथ ही साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय भी बताए गए।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को सामाजिक एवं धार्मिक मुद्दों के प्रति सजग रहने, धर्मांतरण एवं असामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
बच्चों की शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर जोर
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की शिक्षा को लेकर विशेष रूप से प्रेरित किया गया। युवाओं को खेलकूद, रोजगार और बेहतर भविष्य निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
“माड़ मैत्री” अभियान की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों की सहभागिता से ही क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास का वातावरण मजबूत होगा। इसी उद्देश्य से गांव के दो युवाओं को सर्वसम्मति से “माड़ मित्र” चुना गया, जो गांव में सामाजिक समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
समस्याएं सुनीं, समाधान का भरोसा
चौपाल में पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं और हालचाल भी जाना। ग्रामीणों से सार्वजनिक समस्याओं के संबंध में लिखित आवेदन देने को कहा गया, ताकि संबंधित विभागों तक समस्याएं पहुंचाकर समाधान कराया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि माड़ क्षेत्र अब नक्सल प्रभाव से निकलकर विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करें, जिससे उनका त्वरित समाधान किया जा सके।
कार्यक्रम में ग्राम के जनप्रतिनिधि, महिला-पुरुष, युवा वर्ग और बच्चे सहित करीब 60 से 70 ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनजागरण और विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।




