माड़ मैत्री चौपाल से पुलिस ने गांव-गांव पहुंचाया भरोसे का संदेश
छोटेडोंगर साप्ताहिक बाजार में कानूनी जागरूकता शिविर, ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, नशा, बाल विवाह और यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक

(संतोष मजूमदार) छोटेडोंगर। अबूझमाड़ अंचल में पुलिस और जनता के बीच भरोसे की नई कड़ी जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “माड़ मैत्री, मैत्री चौपाल” अभियान के तहत गुरुवार को छोटेडोंगर साप्ताहिक बाजार में जनजागरूकता शिविर आयोजित किया गया। थाना छोटे डोंगर पुलिस और विधिक साक्षरता शिविर की टीम ने दूर-दराज़ के गांवों से पहुंचे ग्रामीण महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों को सरल भाषा में कानून, सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
शिविर में ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, पैसों की धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न अपराधों के संबंध में उदाहरण देकर समझाइश दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक उन्माद और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील विषयों पर भी ग्रामीणों को कानून की जानकारी देते हुए सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

यातायात नियमों के पालन का दिया संदेश
ग्रामीणों को 15 मई 2026 को नारायणपुर में आयोजित होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस एवं यातायात जागरूकता शिविर की जानकारी दी गई तथा अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की गई। दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
नशे और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता
पुलिस टीम ने बाल विवाह की रोकथाम और नशे के दुष्प्रभावों पर भी विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि मादक पदार्थ न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करते हैं। युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।

“पुलिस हमेशा आपके साथ”
अंदरूनी क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं खुलकर रखने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि अबूझमाड़ क्षेत्र धीरे-धीरे नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर विकास, शांति और विश्वास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पुलिस ने कहा कि वह केवल सुरक्षा बल नहीं, बल्कि जनता की मित्र और परिवार की तरह हर परिस्थिति में साथ खड़ी है।
कार्यक्रम में करीब 100 ग्रामीणजन शामिल हुए। ग्रामीणों ने “माड़ मैत्री” अभियान की सराहना करते हुए इसे गांवों में विश्वास और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।




