नारायणपुर

गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर माओवादियों का हथियार कारखाना ध्वस्त

संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और निर्माण सामग्री बरामद, मौके पर ही नष्ट किए गए खतरनाक उपकरण

(कैलाश सोनी) नारायणपुर/गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की पुलिस को माओवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर चलाए गए संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में सुरक्षा बलों ने गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा के घने जंगलों में संचालित माओवादियों के हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और शस्त्र निर्माण सामग्री बरामद की है। अभियान के दौरान बरामद कई खतरनाक सामग्रियों को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया।

यह कार्रवाई “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत की गई। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों के बड़े हथियार भंडार का पता लगाते हुए 01 इंसास रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल, 02 बारह बोर रायफल तथा 18 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गढ़चिरौली जिले में माओवादी गतिविधियां अब लगभग समाप्ति की ओर हैं, लेकिन माओवादी संगठन सुरक्षा बलों पर हमले और घातपात की घटनाओं को अंजाम देने के लिए जंगल क्षेत्रों में गुप्त रूप से हथियार और विस्फोटक सामग्री तैयार कर जमीन में छिपाकर रखते थे। इनका उपयोग नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य अवसरों पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जाता था।

आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली थी सूचना

जानकारी के मुताबिक आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के काकूर थाना क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर दूर महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के जंगलों में हथियार और हथियार निर्माण सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलने के बाद 26 मई 2026 को गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में संयुक्त अभियान शुरू किया गया।

अभियान में प्राणहिता के विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियां, नारायणपुर डीआरजी की एक टीम तथा बीडीडीएस प्राणहिता की दो टीमें शामिल थीं। 27 मई 2026 को काकूर थाना क्षेत्र के जंगलों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बीडीडीएस टीम द्वारा इलाके की गहन जांच के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली।

आईईडी, क्लेमोर माइन और बीजीएल लॉन्चर बरामद

बरामद सामग्री में 25 किलो आईईडी विस्फोटक, 02 क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और उन्हें बनाने की सामग्री, 07 बीजीएल लॉन्चर, 03 ट्यूब लॉन्चर, लोहे की रॉड, दो लेथ मशीन, दो मोटर, ग्राइंडर मशीन, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट जैसी सामग्री शामिल है। पुलिस के अनुसार यह पूरा तंत्र माओवादियों द्वारा हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए उपयोग किया जा रहा था।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घटनास्थल से बरामद हथियार निर्माण सामग्री और विस्फोटक उपकरणों को जवानों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि भविष्य में उनका इस्तेमाल किसी भी हिंसक गतिविधि में न हो सके।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला अभियान

यह संयुक्त कार्रवाई गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा, अपर पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) गोकुल राज जी., अहेरी के अपर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन बी. जे., पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) विशाल नागरगोजे तथा नारायणपुर के पुलिस उपाधीक्षक मनोज मंडावी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न की गई।

गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान में शामिल सभी जवानों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा बल माओवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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