नारायणपुर में केदार कश्यप ने खोला विकास का ऐसा एजेंडा! पंचायतों को मिला बड़ा संदेश, अब इन कामों पर रहेगी नजर
स्कूल से सड़क तक… मछली पालन से बतख पालन तक की तैयारी, पंच-सरपंचों के सामने मंत्री ने रखीं ऐसी प्राथमिकताएं, जिन पर टिकी रहेंगी गांवों की उम्मीदें

नारायणपुर। गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए अब किन कामों को प्राथमिकता मिलेगी? पंचायतों में स्वीकृत निर्माण कार्यों को लेकर क्या संदेश दिया गया? और ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने के लिए कौन-से रास्ते तलाशे जा रहे हैं? नारायणपुर में आयोजित जिला स्तरीय पंच-सरपंच प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम में इन सवालों से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने आए।

सिनेमा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने पंचायत प्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया कि गांवों के विकास में अब सक्रिय भागीदारी और कार्यों की समयबद्ध पूर्णता पर विशेष ध्यान देना होगा।
आखिर पंचायतों के लिए क्या है विकास का नया फोकस?
मंत्री केदार कश्यप ने पंचायतों में स्वीकृत निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने पर जोर दिया। स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, छात्रावास, सामुदायिक भवन, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम, पुल-पुलिया, सड़क निर्माण और महतारी सदन जैसे कार्यों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों में देरी का सीधा असर ग्रामीणों की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ता है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों को निर्माण कार्यों की प्रगति पर नजर रखते हुए संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाना होगा।
विकास की चाबी अब किसके हाथ?
विकसित भारत जी राम जी योजना को सफल बनाने के लिए मंत्री ने पंच-सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करना और उनका विश्वास जीतना जरूरी है।
स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
गांवों में कमाई बढ़ाने के लिए सामने आया यह विकल्प
कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए मछली पालन और बतख पालन को प्रोत्साहित करने की बात भी सामने आई। मंत्री ने स्थानीय संसाधनों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने और पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।
इससे ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित करने की संभावनाओं को बल मिल सकता है।
कार्यक्रम में एक और खास पहल
इस अवसर पर मंत्री केदार कश्यप ने शिक्षकों द्वारा रचित ‘नव पंख’ पत्रिका का विमोचन किया। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज के अध्यक्ष रूपसाय सलाम और जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने भी संबोधित किया।
इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, कलेक्टर नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ चित्रकांत चाली ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की समयबद्ध पूर्णता और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के लिए प्रेरित किया गया।
अब बड़ा सवाल यही है—पंचायतों में तय हुई इन प्राथमिकताओं का असर गांवों में कितनी तेजी से दिखाई देगा? आने वाले समय में निर्माण कार्यों की प्रगति और आजीविका संबंधी पहलों का क्रियान्वयन ही इस पहल की असली तस्वीर सामने लाएगा।



