‘मेरे सपनों का भारत’ में बच्चों ने रंगों और शब्दों से उकेरी भविष्य की तस्वीर
बालक हायर सेकेंडरी विद्यालय में चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता; वन मंत्री केदार कश्यप ने विद्यार्थियों की प्रतिभा का किया उत्साहवर्धन

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर, स्वच्छता, नशामुक्ति, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के संदेशों को बच्चों ने बनाया अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम
नारायणपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत बालक हायर सेकेंडरी विद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की कल्पना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भाषण प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।


सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत, स्वच्छता, पर्यावरण, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर अपनी कल्पना एवं विचार व्यक्त करने का अवसर दिया जा रहा है।
‘आज की मेहनत, कल के भारत की नींव’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि देश के विकास की मजबूत नींव बच्चों और युवाओं से तैयार होती है। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा पीढ़ी को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक होना होगा। विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के माध्यम से स्वयं को बेहतर बनाने के साथ परिवार, समाज और देश के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलकर अपने भविष्य के साथ देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा और ऊर्जा की कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें सही दिशा, मार्गदर्शन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने की है।
कैनवास पर दिखाई दी स्वच्छ और विकसित भारत की कल्पना
विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा तैयार चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। बच्चों ने विकसित भारत, स्वच्छ भारत, नशामुक्त समाज, देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण सहित विभिन्न विषयों को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
किसी चित्र में स्वच्छ और सुंदर भारत की तस्वीर दिखाई दी तो किसी में आधुनिक और विकसित भारत की कल्पना नजर आई। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि वे आने वाले समय में भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं। मंत्री कश्यप ने विद्यार्थियों से उनके चित्रों के विषय और उद्देश्य की जानकारी ली तथा उनकी रचनात्मकता का उत्साह बढ़ाया।
भाषण में नशामुक्ति से स्वच्छ भारत तक उठे मुद्दे
चित्रकला के साथ आयोजित भाषण प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डेविड नेताम ने विकसित भारत, विद्या सोनवानी ने नशामुक्ति और सूरज पोटाई ने स्वच्छ भारत-सुंदर भारत विषय पर अपने विचार रखे।
विद्यार्थियों ने अपने वक्तव्यों में नशे के दुष्प्रभाव, स्वच्छता की आवश्यकता और देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर विचार व्यक्त किए। सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने के अवसर से विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति कौशल और आत्मविश्वास को भी मंच मिला।
‘युवा जिम्मेदारी समझें, तभी आगे बढ़ेगा देश’
मंत्री कश्यप ने विद्यार्थियों से स्वच्छता बनाए रखने, नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए युवाओं को अभी से जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा। शिक्षा, अनुशासन, मेहनत, स्वच्छता और आपसी एकता जैसे मूल्यों को अपनाकर विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम में लघु वनोपज के अध्यक्ष रूपसाय सलाम एवं जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने और सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा सामने रखने के साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर सोचने का अवसर देती हैं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, कलेक्टर नम्रता जैन, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष मनोज जैन, जिला पंचायत सीईओ चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम अभयजीत मंडावी, डिप्टी कलेक्टर सौरभ दीवान, डीके कोशले, प्राचार्य मनोज कुमार बागड़े सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
खास बात: ‘मेरे सपनों का भारत’ के तहत विद्यार्थियों की चित्रकला और भाषण जैसी गतिविधियों को विकसित भारत की कल्पना से जोड़ने का उद्देश्य रखा गया है। ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों को अपनी रचनात्मक सोच और विचार सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने का अवसर मिलता है।




