अबूझमाड़ के सुरक्षा मोर्चे पर एसपी का आकस्मिक निरीक्षण, हर कैंप को मानसून के लिए किया अलर्ट
ओरछा थाना से लेकर आठ संवेदनशील सुरक्षा कैंपों तक व्यवस्थाओं की पड़ताल, ई-मालखाना 2.0, बैरक निर्माण, राशन, डीजल व बोरवेल की समीक्षा; जवानों और ग्रामीणों की बनाई अस्थायी पुलियों की सराहना

नारायणपुर। अबूझमाड़ के दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने सोमवार को बड़ा कदम उठाया। उन्होंने ओरछा थाना सहित एड़जूम, इद वाया, आदेर, कुड़मेल, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका और पदमेटा स्थित सुरक्षा कैंपों का आकस्मिक निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधन, संसाधनों और मानसून तैयारियों की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान थाना व्यवस्था से लेकर ई-मालखाना 2.0, बैरक निर्माण, राशन, डीजल स्टॉक, बोरवेल और संचार व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ई-मालखाना 2.0 की व्यवस्था पर विशेष जोर
ओरछा थाना निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अभिलेखों, शस्त्रागार, मालखाना, सीसीटीएनएस, साफ-सफाई और कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने ई-मालखाना 2.0 के तहत जब्त संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड, बारकोड आधारित प्रबंधन और संधारण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी अभिलेखों को अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। साथ ही थाना स्टाफ को आमजन से बेहतर संवाद स्थापित करने, शिकायतों का त्वरित निराकरण करने और क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने पर बल दिया।
सुरक्षा कैंपों की तैयारियों का लिया जायजा
थाना निरीक्षण के बाद पुलिस अधीक्षक ने आठ सुरक्षा कैंपों का दौरा कर बैरक निर्माण कार्यों की प्रगति, जनरेटर, बोरवेल, राशन एवं डीजल की उपलब्धता तथा मानसून के दौरान आवश्यक संसाधनों की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु में किसी भी प्रकार की परिचालन संबंधी कठिनाई उत्पन्न न हो और सभी कैंप हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
ग्रामीणों और जवानों की पहल को मिली सराहना
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा बल के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा संयुक्त प्रयास से विभिन्न नदियों एवं नालों पर लकड़ी और बांस से बनाई गई अस्थायी पुलियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सीमित संसाधनों में तैयार इन पुलियों को पुलिस और ग्रामीणों के बीच मजबूत समन्वय, सहभागिता और आपसी विश्वास का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसकी सराहना की। साथ ही निर्देश दिए कि मानसून के दौरान इन पुलियों का नियमित निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
जवानों का बढ़ाया हौसला
सभी सुरक्षा कैंपों में तैनात अधिकारियों और जवानों से चर्चा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी सतर्कता, अनुशासन और समन्वय के साथ दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
शांति और विकास सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने कहा कि नारायणपुर जिले में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण बनाए रखना सुरक्षा बलों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी सुरक्षा कैंपों को संसाधनयुक्त, सुदृढ़ और हर परिस्थिति के लिए तैयार रखा जा रहा है, ताकि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और जनविश्वास दोनों लगातार मजबूत होते रहें।




