अग्नि सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस, होटलों-प्रतिष्ठानों की शुरू हुई विशेष जांच
नारायणपुर में अग्निशमन विभाग का निरीक्षण अभियान, सुरक्षा मानकों के पालन और अग्निशामक यंत्र लगाने की दी समझाइश; हर सप्ताह मॉक ड्रिल से जवान रहते हैं तैयार

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। जिले में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अग्निशमन विभाग ने शहर के होटलों एवं बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत विभाग द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संचालकों को आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की समझाइश दी जा रही है।

जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी मनोहर लाल चौहान के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की टीम ने शहर के वृंदावन होटल एवं सागर मार्ट सहित अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया।
सागर मार्ट में अग्निशामक यंत्र लगाने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान सागर मार्ट में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं पाया गया। इस पर विभागीय अधिकारियों ने संचालक को अग्नि सुरक्षा की महत्ता बताते हुए जल्द से जल्द अग्निशामक यंत्र स्थापित करने तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की समझाइश दी। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे उपकरण किसी भी आगजनी की प्रारंभिक स्थिति में बड़ी दुर्घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चार फायर ब्रिगेड वाहन, हर समय तैयार टीम
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। जिला अग्निशमन कार्यालय में कुल चार फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध हैं। इनमें से एक वाहन 16वीं बटालियन परिसर में आयोजित मॉक ड्रिल में शामिल था, जबकि शेष वाहन और प्रशिक्षित जवान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार मिले।

हर सप्ताह होती है मॉक ड्रिल
जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी मनोहर लाल चौहान ने बताया कि विभाग के सभी जवानों को आगजनी, सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आपदाओं से निपटने का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। उनकी दक्षता बनाए रखने के लिए प्रत्येक सप्ताह मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है, जिससे वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
नियमित निरीक्षण से बढ़ेगी सुरक्षा
उन्होंने बताया कि विभाग समय-समय पर होटलों, दुकानों, शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करता है। जहां भी अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आती हैं, वहां संचालकों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जाते हैं। विभाग का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।
प्रारंभिक नियंत्रण से टल सकती है बड़ी दुर्घटना
मनोहर लाल चौहान ने कहा कि आग लगने की शुरुआती अवस्था में यदि अग्निशामक यंत्रों का सही उपयोग किया जाए तो आग को फैलने से रोका जा सकता है। इससे जनहानि और आर्थिक नुकसान की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। इसलिए प्रत्येक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में अग्निशामक यंत्र और अन्य सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता आवश्यक है।
सुरक्षित नारायणपुर की दिशा में पहल
अग्निशमन विभाग का कहना है कि नियमित निरीक्षण, मॉक ड्रिल और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देकर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन, हर प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशामक यंत्र और सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-धन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। नियमित निरीक्षण और जागरूकता अभियान तभी सफल होंगे, जब व्यापारी भी सुरक्षा को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करें।




