NH-130D पर खुद उतरीं नम्रता जैन, सड़क की मोटाई से लेकर पुल-पुलिया तक की जांच
कोंडागांव-नारायणपुर होते हुए अबूझमाड़ के रास्ते महाराष्ट्र को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का किया जमीनी निरीक्षण

पुल-पुलिया से लेकर सड़क की मोटाई तक की मौके पर हुई जांच, कलेक्टर बोलीं- निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
नारायणपुर, 20 जून। कोंडागांव से नारायणपुर होते हुए अबूझमाड़ के रास्ते महाराष्ट्र राज्य को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130-डी (एनएच-130डी) की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। बस्तर संभाग विशेषकर नारायणपुर जिले की लाइफ लाइन माने जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर मानसून से पहले निर्माण कार्यों की स्थिति और गुणवत्ता परखने के लिए कलेक्टर नम्रता जैन शुक्रवार को स्वयं मैदान में उतरीं।
उन्होंने किलोमीटर 44.800 से 20.700 तक विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर सड़क, पुलिया और पुल निर्माण कार्यों की वास्तविक प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और समयसीमा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

बस्तर की लाइफ लाइन पर कलेक्टर का पहरा
कोंडागांव-नारायणपुर-अबूझमाड़ होते हुए महाराष्ट्र को जोड़ने वाले मार्ग पर मानसून से पहले युद्धस्तर पर काम पूरा करने के निर्देश
सड़क की गुणवत्ता जांचने मशीन तक पहुंचीं कलेक्टर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नम्रता जैन केवल कागजी रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मौके पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांचने वाली मशीन के पास पहुंचकर परीक्षण प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की परत से निकाले गए नमूनों को देखा और अधिकारियों से तकनीकी जानकारी ली।
किलोमीटर 35.600 पर डेंस बिटुमिनस मैकाडम (डीबीएम) की मोटाई की भौतिक जांच कराई गई। जांच में 54.35 मिमी और 54.18 मिमी मोटाई पाई गई, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप रही। इस पर कलेक्टर ने संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
पुल-पुलिया निर्माण की भी हुई बारीक समीक्षा
किलोमीटर 44.800 पर निर्माणाधीन 1×2×2 बॉक्स पुलिया के स्लैब स्टील की जांच की गई। वहीं किलोमीटर 43.170 पर स्थित एमएनबी-2×10 माइनर ब्रिज के रिटेनिंग वॉल और स्लैब निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अप्रोच फिलिंग, बेस फिलिंग और अर्थवर्क के कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि भारी बारिश के दौरान मिट्टी कटाव की समस्या उत्पन्न न हो और आवागमन प्रभावित न हो।
बारिश में नहीं रुकनी चाहिए यातायात व्यवस्था
किलोमीटर 20.700 पर निर्माणाधीन 2×6 मीटर स्पन माइनर ब्रिज का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अप्रोच रोड निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और यातायात सुचारु एवं सुरक्षित बना रहना चाहिए।

‘एनएच-130डी केवल सड़क नहीं, नारायणपुर की जीवन रेखा है’
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी बस्तर अंचल की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है और इसके निर्माण कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल सहित शेष निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता परीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे होने चाहिए।
क्यों खास है NH-130D ?
- कोंडागांव, नारायणपुर और अबूझमाड़ को जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग।
- आगे महाराष्ट्र राज्य तक संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग।
- व्यापार, परिवहन, खनिज, कृषि और दैनिक आवागमन की जीवन रेखा।
- अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास और कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा माध्यम।
- लंबे समय से निर्माणाधीन इस सड़क पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।
सिर्फ निरीक्षण नहीं, मौके पर परखी गुणवत्ता
✔ सड़क की मोटाई की कराई भौतिक जांच
✔ पुल-पुलिया निर्माण कार्यों की समीक्षा
✔ निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों का परीक्षण
✔ बारिश से पहले अधूरे कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
✔ अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को चेतावनी
✔ कहा- NH-130D की गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
— कैलाश सोनी, नारायणपुर





