अबूझमाड़ में विकास की नई धारा
महाराष्ट्र सीमा से लगे मुसपरसी ने हासिल किया ‘हर घर जल ग्राम’ का दर्जा, जल जीवन मिशन से हर घर तक पहुंचा शुद्ध पेयजल

(कैलाश सोनी) नारायणपुर, 12 जून। कभी पेयजल के लिए रोजाना संघर्ष करने वाला अबूझमाड़ का सुदूर ग्राम मुसपरसी अब विकास की नई पहचान बनकर उभरा है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इस वनांचल गांव में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से वर्षों पुरानी पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। हर घर तक नल कनेक्शन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचने के साथ ही गांव को ‘हर घर जल ग्राम’ का दर्जा प्राप्त हुआ है।
ओरछा विकासखंड की ग्राम पंचायत कोंगे के अंतर्गत आने वाला मुसपरसी गांव जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 123 किलोमीटर दूर स्थित है। लंबे समय तक यहां के ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहे। पानी के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करना ग्रामीणों की मजबूरी थी और इसका सबसे अधिक असर महिलाओं एवं बच्चों पर पड़ता था। दिन का बड़ा हिस्सा केवल पानी जुटाने में बीत जाता था।
पाइपलाइन और नल कनेक्शन से बदली तस्वीर
जल जीवन मिशन के तहत गांव में आवश्यक पेयजल अधोसंरचना विकसित की गई। पाइपलाइन विस्तार, जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण और घरेलू नल कनेक्शन की व्यवस्था के बाद अब गांव के सभी परिवारों को घर बैठे सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इससे ग्रामीणों की जीवनशैली में व्यापक बदलाव आया है।
महिलाओं को मिली राहत, बच्चों की पढ़ाई को मिला समय
घर-घर पानी पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों तक नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। महिलाएं अब घरेलू कार्यों के साथ-साथ आजीविका गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता के लिए भी समय निकाल पा रही हैं। वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं हो रही और उन्हें अपने सर्वांगीण विकास के लिए अधिक अवसर मिल रहे हैं।
स्वच्छ जल से बेहतर हुआ स्वास्थ्य, बढ़ी जागरूकता
ग्रामीणों के अनुसार पहले पानी की चिंता उनकी दिनचर्या का हिस्सा थी, लेकिन अब नियमित जलापूर्ति से जीवन काफी सहज हो गया है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई है और गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
अबूझमाड़ के दुर्गम अंचल में स्थित मुसपरसी की यह उपलब्धि न केवल जल जीवन मिशन की सफलता की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किस प्रकार दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।




