दुर्घटना के बाद भी मुख्य मार्ग पर खड़ी हाइवा, प्रशासन निष्क्रिय—रविवार बाजार से पहले बढ़ा खतरा
घटना के कई दिन बाद भी नहीं हटा वाहन, नाममात्र एक स्टॉपर लगाकर छोड़ा—भीड़भाड़ में बड़े हादसे की आशंका

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। शहर के मुख्य मार्ग पर हुई हाइवा दुर्घटना के बाद पांच दिन बीत जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस दुर्घटना के बाद आज तक वाहन को सड़क से नहीं हटाया गया है। इस दौरान प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर केवल नाममात्र एक स्टॉपर लगाया गया है, जो भारी वाहनों और लगातार बढ़ती आवाजाही के बीच नाकाफी साबित हो रहा है। यह मार्ग शहर का प्रमुख आवागमन मार्ग है, जहां दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।

रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के चलते स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। आसपास के गांवों और अन्य जिलों से बड़ी संख्या में व्यापारी व उपभोक्ता यहां पहुंचते हैं, जिससे यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क पर खड़ी यह क्षतिग्रस्त हाइवा किसी बड़े हादसे को न्योता देती नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खबर प्रकाशित होने के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन तत्काल वाहन को हटवाएगा, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लापरवाही या उदासीनता?
मौजूदा हालात को देखते हुए यह तय करना मुश्किल है कि इसे प्रशासनिक उदासीनता कहा जाए या लापरवाही। मुख्य मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त वाहन का लंबे समय तक खड़ा रहना न केवल यातायात बाधित कर रहा है, बल्कि आमजन की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है।
कौन होगा जिम्मेदार?
यदि इस स्थिति में कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—यह सवाल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर वाहन को हटाने और समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब आवश्यक है कि प्रशासन तुरंत सक्रियता दिखाए, ताकि संभावित खतरे को टाला जा सके और रविवार बाजार के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचाव हो सके।




