ओरछा-नारायणपुर सड़क पर फिर चक्काजाम, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीवान की विज्ञप्ति—‘वादों के बावजूद नहीं सुधरी सड़क, ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा’

दो साल से जर्जर सड़क पर जनाक्रोश, मरकाबेड़ा में फिर चक्काजाम
राजेश दीवान का आरोप—चुनावी वादे भूली सरकार, मंत्री की बातों को भी नहीं मिल रही गंभीरता
नारायणपुर। ओरछा से नारायणपुर तक खराब सड़क को लेकर जिले में ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश दीवान द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले दो वर्षों से ग्रामीण जर्जर सड़क के विरोध में लगातार चक्काजाम कर रहे हैं, इसके बावजूद अब तक सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि परेशान ग्रामीणों ने मरकाबेड़ा में एक बार फिर चक्काजाम किया। सैकड़ों ग्रामीणों ने धूल और गड्ढों से भरी सड़क से राहत दिलाने तथा जल्द नई सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार आंदोलन के बावजूद प्रशासन केवल आश्वासन देता रहा है, लेकिन अब स्थिति यह है कि अधिकारी और निक्को कंपनी के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर बात तक करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीवान ने विज्ञप्ति में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय तीन माह के भीतर सड़क निर्माण का वादा किया गया था। जनता ने इस भरोसे पर प्रतिनिधियों को विधानसभा भेजा, लेकिन वादे पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री केदार कश्यप की बातों को भी डबल इंजन की भाजपा सरकार में गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, अन्यथा अब तक सड़क बन चुकी होती।
दीवान ने आगे कहा कि जिले की अधिकांश सड़कों की हालत खराब है और नेशनल हाईवे मार्ग भी कई महीनों से बाधित है। इसके बावजूद प्रशासन वैकल्पिक यातायात की व्यवस्था तक नहीं कर सका है। उन्होंने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी सड़कों की समस्या को लेकर मौन साधे हुए हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को धूल और खराब रास्तों पर चलकर भुगतना पड़ रहा है।
आक्रोश बढ़ा, आंदोलन की चेतावनी
विज्ञप्ति में कहा गया है कि लगातार चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की जा रही है। नगर के सार्वजनिक स्थानों पर भी शासन-प्रशासन के प्रति लोगों में आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने और सुनने को मिल रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होने की चेतावनी दी गई है।




