नक्सल प्रभावित कड़ेनार में आईटीबीपी का जनसरोकार, पशु चिकित्सा शिविर से ग्रामीणों को राहत
45वीं बटालियन ने ‘व्हैम’ अभियान के तहत किया आयोजन, 12 किसानों के पशुओं का उपचार व दवाइयों का निःशुल्क वितरण

नारायणपुर/कड़ेनार। दूरस्थ और नक्सल प्रभावित कड़ेनार क्षेत्र में आईटीबीपी की 45वीं बटालियन द्वारा आयोजित निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर ने ग्रामीणों को बड़ी राहत पहुंचाई। दुर्गम वनांचल के बीच स्थित सीओबी कड़ेनार परिसर में लगे इस शिविर में आसपास के गांवों से पहुंचे किसानों ने अपने पशुओं का उपचार कराया और विशेषज्ञों से सीधा मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मैदानी हकीकत यह है कि इस क्षेत्र में पशु चिकित्सा सुविधाएं सीमित होने के कारण ग्रामीणों को अक्सर छोटे-छोटे उपचार के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में आईटीबीपी की पहल न केवल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित रही, बल्कि ग्रामीणों के बीच भरोसे का सेतु भी मजबूत करती नजर आई।

शिविर में कुल 12 किसानों ने भाग लिया। पशु चिकित्सक डॉ. मोहन सुंदरम (एसवीओ) ने पशुओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार किया और निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया। मौके पर किसानों को पशुपालन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देते हुए बताया गया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से वे अपनी आजीविका को बेहतर बना सकते हैं।
इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई, जिससे वे भविष्य में योजनाओं का लाभ उठा सकें। ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह के शिविर उनके लिए बेहद उपयोगी हैं, क्योंकि इससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होती है।
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम आईटीबीपी के ‘व्हैम’ (Winning Hearts and Minds) अभियान के तहत आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के साथ सकारात्मक संबंध स्थापित करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
कड़ेनार जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की पहल यह संकेत देती है कि सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भरोसा और सहयोग की भावना लगातार मजबूत हो रही है।




