नक्सली घटना

जंगल में छिपाई गई आईईडी सामग्री बरामद

नारायणपुर पुलिस–आईटीबीपी की संयुक्त कार्रवाई से नक्सली साजिश नाकाम

कैलाश सोनी- नारायणपुर। अबूझमाड़ अंचल में नक्सलियों की गतिविधियों पर करारा प्रहार करते हुए नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की 29वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने जंगल क्षेत्र से आईईडी बनाने में प्रयुक्त सामग्री बरामद की है। विश्वसनीय गुप्त सूचना के आधार पर थाना ओरछा क्षेत्र के कांगाली–मंडोली–आसनार–ओरछा के दुर्गम जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जहां नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई संदिग्ध सामग्री मिली। इस कार्रवाई से सुरक्षाबलों ने संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूचना की पुष्टि के बाद संयुक्त दल को जंगल क्षेत्र में रवाना किया गया। तलाशी अभियान के दौरान नक्सलियों के उपयोग में आने वाली सामग्री बरामद हुई, जिसमें प्रेशर कुकर, रस्सी, बिजली वायर, चार्जर, बैटरियां, पेंसिल सेल, पाइप, इंजन ऑयल सहित अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में इन वस्तुओं के आईईडी निर्माण में उपयोग किए जाने की आशंका जताई गई है। बरामद सामग्री को विधिवत जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया।

कार्रवाई के बाद सभी सामग्री को सुरक्षित रूप से थाना ओरछा लाकर प्रस्तुत किया गया है। इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां बरामद सामग्री के स्रोत और नक्सल नेटवर्क से जुड़े संभावित ठिकानों की भी पड़ताल कर रही हैं।

सुरक्षा घेरे में मजबूत होती अबूझमाड़ की जमीन
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतर्कता और खुफिया तंत्र की सक्रियता को दर्शाती है। बीते कुछ समय से नारायणपुर पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा क्षेत्र में सघन नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। जंगलों में लगातार सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन और नक्सलियों के ठिकानों पर दबाव के चलते उनकी गतिविधियों में कमी दर्ज की जा रही है।

स्थानीय स्तर पर प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में भरोसा लौट रहा है। सुरक्षा घेरे के मजबूत होने से विकास कार्यों को भी गति मिली है। सड़क निर्माण, पुलिस कैंपों की स्थापना और प्रशासनिक पहुंच के विस्तार के साथ अबूझमाड़ में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

संभावित खतरे को समय रहते टाला
आईईडी सामग्री की बरामदगी को सुरक्षा विशेषज्ञ संभावित बड़े खतरे को समय रहते टालने के रूप में देख रहे हैं। जंगलों और संपर्क मार्गों पर इस तरह की विस्फोटक सामग्री का उपयोग सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम ग्रामीणों के लिए भी गंभीर जोखिम बन सकता था। संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों की साजिश पर पानी फेरते हुए सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में सुरक्षा का संदेश दिया है।

नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी ने स्पष्ट किया है कि नक्सल विरोधी अभियान आगे भी इसी सख्ती और सतर्कता के साथ जारी रहेंगे। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी से अबूझमाड़ में शांति, सुरक्षा और विकास की राह और मजबूत होती दिखाई दे रही है।

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़

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