जादू-टोना के संदेह में महिला की हत्या, पांच आरोपी गिरफ्तार
सोनपुर थाना क्षेत्र के इरपानार गांव का मामला, पुलिस की त्वरित कार्रवाई

नारायणपुर, 2 जनवरी।
जिले के थाना सोनपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इरपानार में जादू-टोना (टोनही) के संदेह पर एक महिला की नृशंस हत्या के मामले में नारायणपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस गंभीर मामले में तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को घटना के कुछ ही दिनों में सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 दिसंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे ग्राम इरपानार निवासी श्रीमती शेली बाई मेटामी की जादू-टोना के संदेह में हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि मुख्य आरोपी पंडी राम वड्डे एवं उसके साथियों ने मृतका के घर में जबरन प्रवेश कर लकड़ी के डंडे एवं फरसा के बेंट से सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर वार किए, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना सोनपुर में अपराध क्रमांक 12/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103, 191(1), 351(2) एवं आयुध अधिनियम की धारा 25 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी समेत पांचों आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में पंडी राम वड्डे (42), सुक्कु वडडे उर्फ मंगतु (35), संतु ध्रुवा उर्फ बोड़से (21), नरसिंह वडडे (28) एवं राजेश वडडे उर्फ बाण्डा (24) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम इरपानार, थाना सोनपुर, जिला नारायणपुर के निवासी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जादू-टोना जैसे अंधविश्वास के चलते होने वाली घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। ऐसे अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता का संदेश गया है, वहीं इस जघन्य वारदात से ग्रामीण क्षेत्र में फैले अंधविश्वास पर भी एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।




