नारायणपुर

नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता : 33 लाख के इनामी 8 माओवादी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता : 33 लाख के इनामी 8 माओवादी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
डीवीसीएम, पीपीसीएम, एसीएम समेत वरिष्ठ माओवादी आए मुख्यधारा में, सरकार से मिलेगी सहायता

नारायणपुर, 24 जुलाई।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर कुल 33 लाख रुपये के इनामी 8 माओवादी नक्सलियों ने गुरुवार को नारायणपुर पुलिस अधीक्षक श्री रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) के समक्ष आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की शपथ ली। इनमें डीवीसीएम, पीपीसीएम, एसीएम, पार्टी सदस्य और जनताना सरकार अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ कैडर भी शामिल हैं।

2025 में अब तक 140 नक्सली कर चुके आत्मसमर्पण
पुलिस अधीक्षक श्री गुड़िया ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 140 बड़े और छोटे कैडर के नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इस मौके पर आत्मसमर्पित नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए। उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।

नक्सलियों का खुलासा – शोषण और अमानवीयता से तंग आए
उत्तर ब्यूरो टीडी टीम के इंचार्ज वट्टी गंगा उर्फ मुकेश (इनामी 8 लाख) ने खुलासा किया कि नक्सल संगठन आदिवासी जनता के विकास में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा, “सरकार जहां राशन, स्कूल, अस्पताल, सड़क, बिजली और पानी मुफ्त उपलब्ध करा रही है, वहीं नक्सली हमारे हिस्से का विकास निगल रहे हैं।”
प्लाटून नंबर 01 की सेक्सन डिप्टी कमांडर रीना कुर्साम (इनामी 8 लाख) ने कहा कि उसका सपना है कि उसकी बेटी बड़ी होकर शिक्षक बने और शांति का संदेश दे। प्लाटून नंबर 22 के कमांडर लखमा लेकाम उर्फ सैनाथ उर्फ रंजीत (इनामी 8 लाख) ने बताया कि 2013 में नक्सलियों ने जबरन उसकी नसबंदी कराई थी। “अब मैं पिता बनकर परिवार के साथ सुख-शांति से जीना चाहता हूं,” उन्होंने कहा।
इसी तरह 8 लाख के इनामी माओवादी हुर्रा उर्फ हिमांशु मिडियाम ने कहा कि वह नक्सलवाद के आदिवासी विरोधी कृत्यों को उजागर कर अपने समाज को बेहतर जीवन की ओर प्रेरित करना चाहता है।

आत्मसमर्पित माओवादी नक्सली – नाम और इनाम

  1. वट्टी गंगा उर्फ मुकेश उर्फ चैतू – डीवीसीएम, उत्तर ब्यूरो टीडी टीम इंचार्ज, इनामी 8 लाख।
  2. लखमा लेकाम उर्फ सैनाथ उर्फ रंजीत – पीपीसीएम, प्लाटून 22 कमांडर, इनामी 8 लाख।
  3. रीना कुर्साम – पीपीसीएम, प्लाटून 01 डिप्टी कमांडर, इनामी 8 लाख।
  4. रमशिला उर्फ ऊंगी माडवी – एसीएम, उत्तर ब्यूरो टीडी टीम सदस्य, इनामी 5 लाख।
  5. माली – 16 पीएल सदस्य/सिंगलशॉट, इनामी 1 लाख।
  6. ईरपा गोटा – जनताना सरकार अध्यक्ष, इनामी 1 लाख।
  7. मंगती उसेण्डी उर्फ टांगरी – नेलनार एलओएस सदस्य, इनामी 1 लाख।
  8. सतरू मण्डावी – ओरछा एलओएस सदस्य, इनामी 1 लाख।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण समारोह के दौरान श्री नरेन्द्र सिंह सेनानी (41वीं वाहिनी आईटीबीपी), श्री राजीव गुप्ता कमांडेंट (45वीं वाहिनी आईटीबीपी), श्री रोशन सिंह आसवाल सेनानी (38वीं वाहिनी आईटीबीपी), श्री मोहम्मद इजराईल कमांडेंट (बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय), श्री संजय कुमार भारद्वाज टू-आईसी (53वीं वाहिनी आईटीबीपी), श्री नवल सिंह सेनानी (135वीं वाहिनी बीएसएफ) सहित कई पुलिस अधिकारी, जवान और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

नक्सल उन्मूलन नीति बनी प्रेरणा
अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च अभियान, नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना और सरकारी योजनाओं का लाभ आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंचाने की रणनीति के कारण नक्सली हताश हैं। कई नक्सली अब बेहतर जीवन के लिए हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

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