नारायणपुर पुलिस के नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता, 6 माओवादी आत्मसमर्पण

नारायणपुर पुलिस के नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता, 6 माओवादी आत्मसमर्पण
नारायणपुर, 07 जनवरी 2025 – नारायणपुर जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे आत्मसमर्पण अभियान और शासन की नक्सल उन्मूलन नीति से प्रभावित होकर 6 माओवादी नेताओं और समर्थकों ने आत्मसमर्पण किया है। इन माओवादियों ने न केवल संगठन की खोखली विचारधारा से तंग आकर बल्कि बड़े पैमाने पर माओवादी कैडर के आत्मसमर्पण से प्रेरित होकर यह कदम उठाया।
इन माओवादियों का आत्मसमर्पण जिले के पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार (भा.पु.से.) की उपस्थिति में 7 जनवरी 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुआ। आत्मसमर्पण करने वालों में नेलनार एरिया कमेटी के भटबेड़ा जनताना सरकार अध्यक्ष दस्सो पोयाम, उपाध्यक्ष जैनी कुहड़ाम, मिलिशिया कमांडर रामलाल कुहड़ाम, मिलिशिया डिप्टी कमांडर सुखमति कोर्राम, और अन्य मिलिशिया सदस्य अड़मो पोड़ियाम एवं मासो पोयाम शामिल हैं।
इन माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए शासन की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है और भविष्य में इन्हें पुनर्वास योजना का लाभ भी मिलेगा। पुलिस का कहना है कि इस कदम से क्षेत्र में शांति और विकास के लिए रास्ता साफ होगा, जिससे ग्रामीणों को नक्सलवाद के आतंक से मुक्ति मिलेगी।
नारायणपुर पुलिस के प्रयासों और छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति “नियद नेल्ला नार” से प्रेरित होकर स्थानीय लोग अब जनताना सरकार और मिलिशिया के रूप में काम कर रहे नक्सली समर्थकों से खुद को मुक्त कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इन कदमों से बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद का प्रभाव कम होगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
नक्सलियों द्वारा क्षेत्र के युवाओं को शासन और प्रशासन के खिलाफ भड़काकर और उन्हें गांवों से भगाकर संगठन में शामिल किया जाता था, जबकि उनका शोषण भी किया जाता था। नारायणपुर पुलिस और सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सलियों में भय का माहौल बना हुआ है। माओवादी संगठन के खिलाफ पुलिस के आक्रामक अभियान से नक्सली संगठन को भारी नुकसान हुआ है, और बड़ी संख्या में माओवादी अब आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सलियों से जुड़े ग्राम स्तर के कैडरों से अपील की गई है कि वे भयमुक्त होकर आत्मसमर्पण करें और शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाकर समाज की मुख्य धारा में शामिल हों। पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और कई अन्य नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है।




