
नारायणपुर। साइबर ठगी के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना एक युवक को भारी पड़ गया। नारायणपुर पुलिस ने साइबर अपराधियों के लिए म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने के आरोप में 32 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में आरोपी के खाते से करीब 95.65 लाख रुपए की संदिग्ध राशि के लेन-देन का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों द्वारा ठगी से हासिल रकम को इधर-उधर करने और निकालने के लिए ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें दूसरे लोगों के नाम पर उपलब्ध कराया जाता है। पुलिस ने इसी कड़ी को खंगालते हुए कार्रवाई की है।
दो महीने में 95.65 लाख का संदिग्ध लेन-देन
थाना नारायणपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 62/2026 की जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित बैंक खाते की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि 20 दिसंबर 2024 से 14 फरवरी 2025 के बीच खाते में कुल 95,65,134 रुपए की संदिग्ध राशि का लेन-देन हुआ।
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और निकासी के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को आगे स्थानांतरित करने के लिए म्यूल अकाउंट के तौर पर किया जा रहा था।
टीसीपीसी कॉलोनी से पकड़ा आरोपी
पुलिस ने मामले में मनोज निषाद (32), पिता गुरूदत्त निषाद, निवासी टीसीपीसी कॉलोनी, बंगला पारा, नारायणपुर को गिरफ्तार किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे 3 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
मुख्य ठगों के साथ म्यूल अकाउंट पर भी नजर
साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए नारायणपुर पुलिस अब केवल ठगी करने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस उन लोगों की भी पहचान कर रही है, जो कमीशन या किसी लालच के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई अथवा अन्य बैंकिंग सुविधा साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते हैं।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किसी व्यक्ति का बैंक खाता इस्तेमाल होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस की आमजन से अपील
नारायणपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर कमीशन या लालच के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई या अन्य बैंकिंग सुविधा इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराएं। अनजान व्यक्ति को बैंकिंग विवरण देने से पहले पूरी तरह सावधानी बरतें।
साइबर ठगी होने या इसकी आशंका होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने की अपील की गई है।
पुलिस कार्रवाई के प्रमुख बिंदु
आरोपी: मनोज निषाद, 32 वर्ष
निवास: टीसीपीसी कॉलोनी, बंगला पारा, नारायणपुर
मामला: अपराध क्रमांक 62/2026
धाराएं: 317(2), 317(5), 318(4) बीएनएस
संदिग्ध लेन-देन: ₹95,65,134
लेन-देन अवधि: 20 दिसंबर 2024 से 14 फरवरी 2025
गिरफ्तारी: 3 सितंबर 2026
स्थिति: न्यायालय से न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
खाता आपका, रकम ठगी की… तो कानून की नजर में आप भी!
साइबर ठगी के ‘म्यूल अकाउंट’ नेटवर्क पर नारायणपुर पुलिस का शिकंजा, 95.65 लाख के लेन-देन ने खोली पोल




