नारायणपुर

आस्था की टकराहट से खड़कागांव में बढ़ा विवाद, एक परिवार गांव से बेदखल

आदिवासी परंपराओं के सम्मान को लेकर ग्रामीणों का विरोध, परिवार धार्मिक मान्यताओं पर अडिग; भारी पुलिस बल तैनात, प्रशासन करा रहा समझाइश

नारायणपुर। जिले के खड़कागांव में धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक आदिवासी आस्था को लेकर उपजा विवाद मंगलवार को उस समय गहरा गया, जब ग्रामीणों ने एक परिवार को गांव से बाहर कर दिया। संवेदनशील हालात को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हैं और दोनों पक्षों के बीच लगातार समझाइश व संवाद की प्रक्रिया जारी है। समाचार लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन सकी थी और दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम थे।

जानकारी के अनुसार, गांव का एक परिवार विभिन्न धार्मिक मान्यताओं का पालन करता है। बताया जा रहा है कि परिवार के कुछ सदस्य ईसाई धर्म को मानते हैं, जबकि कुछ स्वयं को संत रामपाल का अनुयायी बताते हैं। इसे लेकर गांव के आदिवासी समाज में लंबे समय से असंतोष बना हुआ था।

ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित परिवार द्वारा पारंपरिक आदिवासी देवी-देवताओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं का सम्मान नहीं किया जा रहा था, जिससे गांव की सामूहिक आस्था को ठेस पहुंच रही थी। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार परिवार को समझाया गया कि सभी आदिवासी समुदाय से जुड़े हैं और गांव में परंपराओं का सम्मान करते हुए शांतिपूर्वक रहें, लेकिन समझाइश का कोई असर नहीं हुआ।

मंगलवार को विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने परिवार का घरेलू सामान घर से बाहर निकाल दिया और परिवार को गांव से बेदखल कर दिया। इसके बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।

शांति बनाए रखने में जुटा प्रशासन

प्रशासन दोनों पक्षों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से चर्चा कर रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि संवाद के माध्यम से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकले और गांव में सामाजिक सौहार्द बना रहे। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। स्थिति पूरी तरह प्रशासन की निगरानी में है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भरण्डा के बाद खड़कागांव में बढ़ी चिंता

उल्लेखनीय है कि हाल ही में भरण्डा गांव में भी धर्मांतरण और सामाजिक परंपराओं को लेकर विवाद सामने आया था। उस मामले में प्रशासन की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू हुई थी। अब खड़कागांव में सामने आए नए घटनाक्रम ने जिले में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की चुनौती को और गंभीर बना दिया है।

समाचार लिखे जाने तक गतिरोध कायम

समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से लगातार समझाइश दी जा रही थी, लेकिन दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए थे। गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पुलिस-प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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