‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारों से गूंजा नारायणपुर, मटकी फोड़ में दिखा उत्साह
जन्माष्टमी पर शहरभर में भक्ति और उल्लास का माहौल; सातवीं बार आयोजित दही मटकी फोड़ प्रतियोगिता में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और पुरुषों ने लिया हिस्सा

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी पर नारायणपुर जिले में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। शहर सहित जिलेभर में जगह-जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। बच्चों से लेकर महिलाओं और पुरुषों तक ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। देर शाम तक आयोजन स्थलों पर लोगों की भीड़ जुटी रही और वातावरण ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारों से गूंजता रहा।

नन्हे कृष्ण-राधा बने आकर्षण का केंद्र
नारायणपुर के पुराने बस स्टैंड स्थित कलेक्ट्रेट मार्ग पर ड्रायवर संघ एवं समाजसेवी पंकज जैन के संयुक्त आयोजन में लगातार सातवें वर्ष दही मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। बड़ी संख्या में शहरवासी आयोजन में पहुंचे। नन्हे बच्चों ने कृष्ण और राधा का रूप धारण कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों की मनमोहक वेशभूषा और प्रस्तुतियों ने आयोजन में विशेष रंग भर दिया।

पिरामिड से जमीन मटकी तक, दिखा जोश
कार्यक्रम में जमीन मटकी फोड़ और पिरामिड मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता भी हुई। विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सात साल से जारी है आयोजन
समाजसेवी पंकज जैन ने बताया कि ड्रायवर संघ के सहयोग से पिछले सात वर्षों से लगातार दही मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को सामूहिक सहभागिता और उत्साह के साथ मनाना है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बच्चों की विशेष भागीदारी रहती है। छोटे-छोटे बच्चे कृष्ण और राधा बनकर पहुंचते हैं, जिससे पूरा आयोजन भक्तिमय और आकर्षक बन जाता है।
हर वर्ग की सहभागिता ने बढ़ाई रौनक
ड्रायवर संघ अध्यक्ष कमल कोर्राम ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सात वर्षों से मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। आयोजन में हर वर्ग के लोग उत्साह के साथ शामिल होते हैं। बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार दिए जाते हैं।
जन्माष्टमी पर हुए इस आयोजन ने नारायणपुर में धार्मिक आस्था के साथ आपसी भाईचारे और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। देर शाम तक आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ बनी रही और पूरा क्षेत्र श्रीकृष्ण के जयकारों से भक्तिमय नजर आया।




