साप्ताहिक बाजार में भारी वाहनों पर रोक की मांग
जनप्रतिनिधियों ने थाना, तहसीलदार और निको इंडस्ट्री लिमिटेड को सौंपा पत्र; गुरुवार को सुबह 9 से शाम 6 बजे तक माइनिंग ट्रकों का आवागमन बंद रखने की मांग

छोटेडोंगर। छोटेडोंगर के साप्ताहिक बाजार में उमड़ने वाली भीड़ के बीच भारी वाहनों और माइनिंग ट्रकों के आवागमन को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। प्रत्येक गुरुवार लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने थाना छोटेडोंगर, तहसीलदार और निको इंडस्ट्री लिमिटेड को लिखित पत्र सौंपा है।

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी, जनपद सदस्य सोन सिंह कोर्राम, छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार, राजपुर सरपंच पिंटू मंडावी, चमेली सरपंच दानसाय सलाम और उपसरपंच संतोष बैठारू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पत्र में कहा कि गुरुवार को बाजार में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, व्यापारी, महिलाएं और बच्चे पहुंचते हैं। बाजार के दौरान सड़क पर अत्यधिक भीड़ रहती है। ऐसे में भारी वाहनों और माइनिंग ट्रकों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
हर गुरुवार 9 से 6 बजे तक ट्रकों पर रोक
जनप्रतिनिधियों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मांग की है कि प्रत्येक गुरुवार साप्ताहिक बाजार के दौरान सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक निको माइन्स के भारी वाहनों एवं माइनिंग ट्रकों का परिवहन पूरी तरह बंद रखा जाए। इसके लिए यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने की भी मांग की गई है, ताकि बाजार आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्कूलों के आसपास भी प्रतिबंध की मांग
पत्र में विद्यार्थियों की सुरक्षा को भी प्रमुखता से उठाया गया है। जनप्रतिनिधियों ने स्कूल परिसर के 100 मीटर के दायरे में भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही स्कूल आने-जाने के समय भारी वाहनों का आवागमन बंद रखने का आग्रह किया गया है। इसके लिए सुबह 9:30 से 10:30 बजे और शाम 4 से 5 बजे तक भारी वाहनों के परिवहन पर रोक की मांग की गई है।
रात में शोर से ग्रामीण परेशान, संचालन समय तय करने की मांग
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही से रात के समय भी ग्रामीणों को परेशानी होती है। वाहनों के शोर और लगातार आवागमन को देखते हुए इनके संचालन का समय निर्धारित किया जाना चाहिए। मांग के अनुसार भारी वाहनों का परिवहन सुबह 7 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित रखने का आग्रह किया गया है।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि साप्ताहिक बाजार के दिन भारी वाहनों को रोकने की मांग किसी व्यक्ति विशेष के हित में नहीं, बल्कि आम जनता, व्यापारियों, महिलाओं, बच्चों और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। यदि शासन-प्रशासन द्वारा मांग पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो सड़क पर आंदोलन किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि इस आंदोलन में क्षेत्र की जनता को भी शामिल किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों की प्रमुख मांगें
- गुरुवार को सुबह 9 से शाम 6 बजे तक माइनिंग ट्रकों का आवागमन बंद हो।
- स्कूल के 100 मीटर दायरे में भारी वाहनों की पार्किंग नहीं हो।
- स्कूल समय में सुबह 9:30 से 10:30 और शाम 4 से 5 बजे तक भारी वाहनों पर रोक लगे।
- भारी वाहनों का संचालन सुबह 7 से शाम 8 बजे तक सीमित किया जाए।
- साप्ताहिक बाजार में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित किया जाए।
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित, विद्यार्थियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए।




