अपराधों पर एसपी सख्त, डिजिटल रिकॉर्ड में शत-प्रतिशत एंट्री के निर्देश
अपराध समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर; बालिग गुमशुदगी में भी एफआईआर और जांच के बाद वास्तविक बैंक खातों को अनहोल्ड करने के निर्देश

नारायणपुर। जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने अपराध समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों और थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे, जबकि थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक में दर्ज अपराधों, लंबित प्रकरणों, विवेचनाओं और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसपी ने लंबित मामलों का प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण करने के साथ विवेचना में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ई-प्रॉसिक्यूशन से सीसीटीएनएस तक शत-प्रतिशत एंट्री
एसपी ने ई-प्रॉसिक्यूशन, ई-एफआईआर, मेडलीपार, एनएएफआईएस और सीसीटीएनएस में आवश्यक जानकारी व दस्तावेजों की शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पुलिस के डिजिटल रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए, ताकि तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
बालिग गुमशुदगी में भी दर्ज होगी एफआईआर
बैठक में एसपी ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बालिग व्यक्तियों की गुमशुदगी के मामलों में भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करने को कहा गया।
साइबर मामलों में निर्दोष खाताधारकों को राहत
साइबर अपराधों से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए एसपी ने जीआरएम पोर्टल के माध्यम से जांच के बाद वास्तविक एवं जेन्युइन बैंक खातों को नियमानुसार अनहोल्ड कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की जांच के दौरान निर्दोष खाताधारकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता से निराकरण
एसपी संदीप पटेल ने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण के साथ बेहतर विवेचना, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल तथा आमजन की शिकायतों के त्वरित और संवेदनशील निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा लंबित मामलों के निराकरण को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।




