स्कूल-कॉलेजों में गूंजी साइबर सुरक्षा की पाठशाला, पुलिस ने समझाया ठगी से बचने का तरीका
नारायणपुर में साइबर जागृति अभियान का असर, विद्यार्थियों को बताए ओटीपी-पिन से लेकर संदिग्ध लिंक और एपीके फाइल से बचने के तरीके

(कैलाश सोनी नारायणपुर। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से विद्यार्थियों एवं आमजन को सुरक्षित रखने के लिए नारायणपुर पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत सोमवार को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर ठगों के नए-नए तरीकों से अवगत कराते हुए डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया।

जिले के कई स्कूल-कॉलेजों तक पहुंचा अभियान
अभियान के प्रथम सप्ताह के तहत 18 अगस्त को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। थाना एड़का क्षेत्र के ग्राम इरको माध्यमिक शाला, थाना धोड़ाई क्षेत्र के कन्हारगांव हाईस्कूल, थाना ओरछा क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के बड़गांव स्कूल एवं प्राथमिक शाला कुम्हारी में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई।
इसी तरह थाना कुकड़ाझोर क्षेत्र के हाईस्कूल बेलगांव, थाना झाराघाटी क्षेत्र के ग्राम कोंगेरा प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, थाना भरंडा क्षेत्र के ग्राम गुरिया शासकीय स्कूल तथा थाना नारायणपुर क्षेत्र के रामोतीन माड़िया शासकीय गर्ल्स कॉलेज में भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
एक गलती और खाली हो सकता है बैंक खाता
जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को समझाया कि साइबर ठगी से बचने के लिए छोटी-छोटी सावधानियां बेहद जरूरी हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
इसके साथ ही मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध लिंक, अनजान एप और एपीके फाइल को खोलने से बचने, अनजान नंबरों से आने वाली कॉल पर व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी नहीं देने तथा फर्जी ऑनलाइन ऑफर और इनाम के झांसे में नहीं आने के लिए सचेत किया गया।
सोशल मीडिया पर भी बरतें सावधानी
पुलिस ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने की जानकारी दी। अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर संपर्क करते समय सावधानी बरतने, निजी जानकारी एवं तस्वीरें साझा करने से पहले सोचने और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल परिजनों अथवा संबंधित विभाग को जानकारी देने की अपील की गई।
ठगी हो जाए तो देर नहीं, तुरंत करें शिकायत
साइबर ठगी की स्थिति में पीड़ित को तत्काल कार्रवाई करने की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा cybercrime.gov.in के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में विद्यार्थियों और शिक्षकों को बताया गया।
‘एक सेल्फी’ से साइबर सुरक्षा का संदेश
अभियान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश परिवार, मित्रों और समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
नारायणपुर पुलिस ने आमजन से अपील की कि डिजिटल दुनिया में सावधानी और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के प्रति सतर्क करें।
नारायणपुर पुलिस का संदेश—‘आपका माड़ मित्र, जागरूक बनें, सुरक्षित रहें।’




