नशे को ‘ना’, जिंदगी को ‘हां’ का संदेश लेकर आगे बढ़े कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थी
500 से अधिक पंपलेट और स्लोगन से किया जनजागरण, निरंतर अभियानों से बना नशामुक्त परिसर; युवाओं से शिक्षा, खेल और कौशल से जुड़ने का आह्वान

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। नशे के खिलाफ जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर के विद्यार्थियों ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जनजागरूकता अभियान चलाया। विद्यार्थियों ने 500 से अधिक पंपलेट और प्रभावी स्लोगन तैयार कर नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक किया और स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन का संदेश दिया।

महाविद्यालय में यह अभियान केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित नहीं है। संस्था की ओर से विगत वर्षों से नशा मुक्ति और जनजागरूकता को लेकर लगातार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन सतत प्रयासों का परिणाम है कि महाविद्यालय परिसर को नशामुक्त परिसर के रूप में विकसित किया गया है। अब विद्यार्थियों के माध्यम से इस संदेश को महाविद्यालय परिसर से बाहर समाज तक पहुंचाने की पहल की जा रही है।

स्लोगन के जरिए दिया जिंदगी चुनने का संदेश
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 500 से अधिक पंपलेट और स्लोगन तैयार किए। इनमें ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’, ‘नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो’ और ‘स्वस्थ युवा—सशक्त भारत’ जैसे संदेश शामिल रहे। विद्यार्थियों ने इन संदेशों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, कौशल विकास तथा रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान किया।
‘नशामुक्त परिसर से शुरू हो नशामुक्त समाज की यात्रा’
महाविद्यालय की डीन डॉ. रत्ना नशीने ने कहा कि नशा सिर्फ व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार, भविष्य और पूरे समाज पर इसका असर पड़ता है। युवाओं की ऊर्जा को नशे से बचाकर शिक्षा, खेल, कौशल और रचनात्मक गतिविधियों की ओर ले जाना आज की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त परिसर से नशामुक्त समाज और नशामुक्त भारत की यात्रा शुरू होती है। विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ कम से कम एक व्यक्ति को नशे से दूर करने का संकल्प लेना चाहिए। सामूहिक प्रयासों से ही इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
विद्यार्थियों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों ने स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि जागरूकता, निरंतर प्रयास और सामूहिक सहभागिता से नशामुक्त परिसर की पहल को नशामुक्त समाज और नशामुक्त भारत के व्यापक संकल्प तक पहुंचाया जा सकता है।




