मासूम के लिए देवदूत बना आईटीबीपी जवान, एक यूनिट रक्तदान कर बचाई जान
4 वर्षीय पंकज को तत्काल चाहिए था B+ रक्त, सूचना मिलते ही 45वीं वाहिनी के आरक्षक एम. अरविंद ने बढ़ाया मदद का हाथ

नारायणपुर। जिला अस्पताल नारायणपुर में भर्ती महज चार वर्षीय मासूम पंकज सलाम के लिए संकट की घड़ी में आईटीबीपी का जवान देवदूत बनकर सामने आया। बच्चे को तत्काल B+ रक्त की जरूरत थी। रक्त की कमी के बीच परिजन चिंतित थे। इसी दौरान स्थानीय पत्रकार ने मामले की जानकारी 45वीं वाहिनी आईटीबीपी के सेनानी राजीव गुप्ता को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेनानी ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर वाहिनी के 35 वर्षीय आरक्षक एम. अरविंद बिना देर किए रक्तदान के लिए आगे आए। उन्होंने स्वेच्छा से एक यूनिट B+ रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से मासूम के उपचार में मदद मिली और चिंतित परिजनों को बड़ी राहत मिली।
वर्दी में देश सेवा, दिल में इंसानियत
आरक्षक एम. अरविंद की इस पहल ने सुरक्षा बलों के मानवीय पक्ष को भी सामने रखा है। कर्तव्य के साथ जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की भावना ने परिवार को संकट की घड़ी में संबल दिया। एक यूनिट रक्तदान ने न केवल उपचार में मदद की, बल्कि रक्त की तत्काल आवश्यकता के बीच बड़ी राहत पहुंचाई।
परिवार ने जताया आभार
मासूम के लिए संकट की घड़ी में रक्तदान करने वाले आरक्षक एम. अरविंद और 45वीं वाहिनी आईटीबीपी के प्रति परिजनों ने आभार व्यक्त किया। जवान की इस पहल को क्षेत्र में मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
जरूरत के समय मदद ही सबसे बड़ी सेवा
आईटीबीपी जवान की इस पहल ने यह संदेश दिया कि रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवन बचाने वाली मदद साबित हो सकता है। देश की सुरक्षा में तैनात जवानों द्वारा मानवीय सेवा के लिए भी आगे आना समाज में सेवा, संवेदना और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।




