खेलो इंडिया संवाद में गूंजा नारायणपुर के युवाओं का जोश
प्रधानमंत्री मोदी के संदेश से मिली नई उड़ान, 128 विद्यार्थियों ने लिया संवाद में हिस्सा; राज्य व विश्वविद्यालय स्तर के खिलाड़ियों का सम्मान

नारायणपुर। खेल प्रतिभाओं को पहचान, प्रशिक्षण और अवसर देने की दिशा में नारायणपुर के युवाओं ने नई ऊर्जा के साथ कदम बढ़ाया। लिंगो मुड़ियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में “खेलो इंडिया—खेल की बात प्रधानमंत्री मोदी के साथ” संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 128 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों ने माय भारत पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद सुना और खेल, फिटनेस, युवा प्रतिभाओं तथा खेलों में करियर की संभावनाओं पर उनके विचार जाने।
खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण, अवसर और मंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने खेलों को अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, टीम भावना और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए युवाओं को खेल संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री के संदेश के बाद विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ और उन्होंने अपनी खेल प्रतिभा को निखारने का संकल्प लिया।
ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कमी नहीं : डॉ. दास
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्येंदु दास ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो केवल उन्हें पहचानने और उचित अवसर उपलब्ध कराने की। छोटी उम्र में प्रतिभा की पहचान, नियमित प्रशिक्षण और निरंतर प्रोत्साहन से नारायणपुर जैसे क्षेत्रों से राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं।
खेलों से विकसित होता है अनुशासन और आत्मविश्वास
विशिष्ट अतिथि एवं बिंजली हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य श्री दीपक देवांगन ने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं। इनके माध्यम से अनुशासन, समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित होती है। उन्होंने युवाओं से नियमित खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने का आह्वान किया।
स्पोर्ट्स ऑफिसर श्री रवि निकम ने कहा कि प्रतिभा को उपलब्धि में बदलने के लिए नियमित अभ्यास, फिटनेस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प जरूरी है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए।
‘कोई प्रतिभा अवसर के अभाव में पीछे न रहे’
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नाशिने ने कहा कि नारायणपुर जैसे आदिवासी अंचल में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि कोई प्रतिभा केवल अवसर के अभाव में पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि कम उम्र में प्रतिभा की पहचान कर उसे प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और मंच उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से खेलों को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
राज्य और विश्वविद्यालय स्तर के खिलाड़ियों का सम्मान
कार्यक्रम में नारायणपुर की उभरती खेल प्रतिभाओं को अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। मलखंभ कोच श्री नरेंद्र गोटा और स्पोर्ट्स ऑफिसर श्री रवि निकम का भी खेल क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान किया गया।
ताइक्वांडो में राज्य स्तर पर प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाली याचना नेताम, तनु बघेल, खुशी वड्डे, ममता सलाम और सरोज दुग्गा को सम्मानित किया गया। फुटबॉल में विश्वविद्यालय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले त्रिलोचन दुग्गा और फूल सिंह दुग्गा तथा माध्यमिक शाला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मुकुंद कुमेटी, समीर उसेंडी, करण नेताम, हेमराज नाग, लेमन साहू और देव प्रधान का भी उत्साहवर्धन किया गया।
बैडमिंटन में राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले संतोष करेंगा और मनीष करेंगा सहित निलेश दुग्गा और राजकुमार दुग्गा का भी सम्मान किया गया।
माय भारत पोर्टल पर युवाओं ने रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान अमनराज, कविता, भिवेश और दीपक ने माय भारत पोर्टल के माध्यम से संवाद में सहभागिता की। युवाओं ने खेलों में उपलब्ध अवसरों, प्रतिभाओं को मंच देने तथा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े विचार साझा किए।
कार्यक्रम में डॉ. नरेंद्र नाग, डॉ. पुष्पराज दीवान, रोहित कुमार ध्रुव, डोमीन वॉयर, दीप्ति वर्मा, ईश्वर प्रसाद कश्यप, इंद्रेश कुमार, ओम प्रकाश कश्यप, हंती देवांगन, हरीश पारे सहित महाविद्यालय, विद्यालय एवं अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में दीपक गुप्ता, भिवेश देवांगन, अमनराज और कविता की प्रमुख भूमिका रही।
नारायणपुर के युवाओं को मिला संदेश—प्रतिभा को अवसर की जरूरत
खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम ने नारायणपुर के युवाओं में यह विश्वास मजबूत किया कि प्रतिभा चाहे किसी गांव, स्कूल या आदिवासी अंचल में जन्म ले, उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर वह राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहचान बना सकती है। प्रधानमंत्री के संदेश से प्रेरित विद्यार्थियों ने खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने और अपनी प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया।


