‘एक पेड़ माँ के नाम’ बना जनआंदोलन, करलखा में गूंजा हरित भविष्य का संकल्प
माताओं के सम्मान में ग्रामवासियों ने लगाए पौधे | नारियल और आम के फलदार पौधों का वितरण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

नारायणपुर। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में ग्राम पंचायत करलखा में मंगलवार को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर ग्रामीणों ने प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण कर हरित भविष्य के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाई।
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन, क्षेत्रीय विधायक केदार कश्यप के नेतृत्व तथा कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया।
फलदार पौधों का वितरण, संरक्षण का भी लिया संकल्प
वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नारियल एवं आम के फलदार पौधों का वितरण किया गया। उन्हें अपने घरों और खेतों में पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि फलदार पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
वृक्ष हैं जीवन का आधार
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के सबसे बड़े आधार हैं। आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेंगे। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण के साथ उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जनपद सदस्य एवं जनपद पंचायत नारायणपुर की अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, ग्राम पंचायत करलखा की सरपंच रमशीला सलाम, पूर्व सरपंच, वार्ड पंच, ग्राम के युवा साथी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पौधों की नियमित देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
ग्राम पंचायत करलखा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का स्वरूप देने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बनकर सामने आया।




