अब संकट में महिलाएं नहीं रहेंगी अकेली, एक कॉल पर मिलेगा कानून से लेकर इलाज तक का सहारा
सखी वन स्टॉप सेंटर में एक्सपोज़र विज़िट के दौरान महिलाओं को पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता, काउंसलिंग और अस्थायी आश्रय की दी गई जानकारी, घरेलू हिंसा अधिनियम और हेल्पलाइन सेवाओं से कराया गया अवगत

नारायणपुर, 04 अगस्त। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और विपरीत परिस्थितियों में उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार को शिवि डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर में एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को केंद्र के माध्यम से मिलने वाली विभिन्न सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे बिना किसी संकोच के इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बताया गया कि सखी वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, उत्पीड़न अथवा अन्य किसी भी प्रकार की विपरीत परिस्थिति का सामना कर रही महिलाओं को एक ही स्थान पर पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधा, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग तथा अस्थायी आश्रय जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही महिलाओं को संकट की स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

जिला संरक्षक अधिकारी श्रीमती किरण नैलवाल ने उपस्थित महिलाओं को घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम तथा महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है और किसी भी प्रकार की हिंसा अथवा उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत सहायता लेना चाहिए। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 तथा आपातकालीन सेवा 112 की उपयोगिता बताते हुए जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का तत्काल उपयोग करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक हिमानी यादव एवं शिवि डेवलपमेंट सोसायटी की कार्यकर्ता श्रीमती गीतांजलि ठाकुर के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली को निकट से समझा और केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के प्रति जागरूकता दिखाई।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी महिलाओं ने आवश्यकता पड़ने पर सखी वन स्टॉप सेंटर एवं हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने की सहमति जताई तथा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।




