नारायणपुर में शिक्षा पर कलेक्टर का सख्त संदेश, कोई बच्चा पढ़ाई से न रहे वंचित
शत-प्रतिशत नामांकन, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर • उत्कृष्ट कार्य करने वाले संकुल समन्वयक स्वतंत्रता दिवस पर होंगे सम्मानित

नारायणपुर। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर नम्रता जैन ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों और शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया कि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने शत-प्रतिशत नामांकन, स्कूल त्यागी बच्चों की वापसी, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित शैक्षणिक सत्र 2026-27 की पहली समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों को आश्रम-छात्रावास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
बेहतरीन काम करने वाले संकुल समन्वयकों को मिलेगा सम्मान
कलेक्टर ने संकुल समन्वयकों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले संकुल समन्वयकों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से अधिकाधिक विद्यालयों का भ्रमण कर शैक्षणिक गतिविधियों की सतत निगरानी करने को कहा।
हर स्कूल त्यागी बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यू-डाइस प्लस पोर्टल पर विद्यार्थियों की प्रोफाइल अद्यतन की जाए तथा नए विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी प्राचार्यों एवं संकुल समन्वयकों से प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा कि उनके क्षेत्र में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं है। ओरछा विकासखंड के संकुल समन्वयकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें अन्य विकासखंडों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
गणवेश, किताबें और मध्यान्ह भोजन की भी हुई समीक्षा
कलेक्टर ने विद्यालयों में गणवेश वितरण, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता तथा मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की समीक्षा की। ओरछा विकासखंड के निरीक्षण के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में गणवेश वितरण लंबित मिलने पर संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं एबीआरसी को तत्काल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए विशेष रणनीति
कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार के लिए नियमित शैक्षणिक समीक्षा, विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का सतत मूल्यांकन तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण कर अगली समीक्षा बैठक में प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।
हर माह होगी समीक्षा बैठक
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों का सर्वांगीण विकास और शासन की शैक्षणिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों एवं शिक्षकों से समन्वय के साथ कार्य कर जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आह्वान किया। बैठक के अंत में उन्होंने समस्त प्राचार्यों एवं संकुल समन्वयकों की समीक्षा बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकांक्षा शिक्षा खलखो, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ पांडे, जिला मिशन समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक, जिले के समस्त प्राचार्य, संकुल समन्वयक तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




