नारायणपुर

सड़क पर जीवन गुजार रहे बच्चों के लिए चला विशेष अभियान, संरक्षण और पुनर्वास पर प्रशासन का फोकस

बाल सक्षम नीति के तहत 31 जुलाई तक जिलेभर में चलेगा सघन अभियान, हाट-बाजारों और गांवों में हो रही बच्चों की पहचान

कलेक्टर नम्रता जैन की अपील- बच्चों के अधिकारों की रक्षा में सहभागी बनें, जरूरतमंद बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में करें सहयोग

नारायणपुर, 23 जून। जिले में सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उनके स्थायी पुनर्वास के उद्देश्य से प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। बाल सक्षम नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत 1 जून से 31 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण सेवाओं से जोड़ने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।

अभियान के तहत ग्राम गारपा, पांगुड, कोंगे, आकाबेडा तथा सोनपुर साप्ताहिक बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेक्टर स्तरीय बैठकें आयोजित कर जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से समुदाय स्तर पर बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों, सामाजिक बैठकों और हाट-बाजारों में पहुंचकर ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जो सड़क पर रहने, भिक्षावृत्ति करने, बाल श्रम अथवा अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित हैं। साथ ही देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (सीएनसीपी) को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक सुविधाओं और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के समन्वय से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का कहना है कि बालकों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए जनसहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है।

अभियान के दौरान मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित गैर-संस्थागत सेवाओं तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। आम नागरिकों को यह बताया जा रहा है कि यदि कोई बच्चा संकटग्रस्त, असुरक्षित अथवा शोषण की स्थिति में दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

बाल अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए प्रशासन ने लोगों को टोल फ्री चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा आपातकालीन सेवा 112 के बारे में भी जानकारी दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता मिल सके।

कलेक्टर नम्रता जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे बच्चों के अधिकारों की रक्षा में सहभागी बनें और जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के इस अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दें।


एक नजर में

31 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान

  • बाल सक्षम नीति के तहत जिलेभर में चल रहा है विशेष अभियान।
  • सड़क जैसी परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की की जा रही पहचान।
  • गारपा, पांगुड, कोंगे, आकाबेडा और सोनपुर बाजार में जागरूकता कार्यक्रम।
  • बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे बच्चों पर विशेष फोकस।
  • मिशन वात्सल्य योजना की सेवाओं की दी जा रही जानकारी।
  • सहायता के लिए 1098 और 112 हेल्पलाइन नंबर किए गए प्रचारित।

हर बच्चे को सुरक्षित बचपन देने की पहल

नारायणपुर में शुरू किया गया यह अभियान केवल बच्चों के रेस्क्यू तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि समाज और समुदाय की भागीदारी से ही हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराया जा सकता है।

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