माड़ मैत्री अभियान के तहत नारायणपुर में हरित क्रांति की पहल
विश्व पर्यावरण दिवस पर पुलिस ने लगाए 2000 से अधिक पौधे, आत्मसमर्पित माओवादी भी बने पर्यावरण प्रहरी

नारायणपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर नारायणपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिला। नारायणपुर पुलिस ने “माड़ मैत्री” अभियान के तहत जिलेभर में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाकर 2000 से अधिक पौधों का रोपण किया। खास बात यह रही कि इस अभियान में पुलिस जवानों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ आत्मसमर्पण के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे माओवादियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया के मार्गदर्शन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों, पुलिस कैंपों और कार्यालय परिसरों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान भारत सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से प्रेरित रहा, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृत्व सम्मान का संदेश भी दिया गया।

ग्राम गंराजी स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षणरत आत्मसमर्पित माओवादियों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस पहल को समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव और सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतत जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान प्रकृति, मातृत्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि “विग्रह से विश्वास” की अवधारणा को भी मजबूती प्रदान करता नजर आया। पुलिस, स्थानीय समुदाय और आत्मसमर्पित माओवादियों की संयुक्त सहभागिता ने सामाजिक विश्वास और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया।
नारायणपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “माड़ मैत्री” अभियान के तहत भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
“एक पेड़ माँ के नाम” की भावना के साथ नारायणपुर में चला यह अभियान केवल हरियाली बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि विश्वास, सहभागिता और सामाजिक बदलाव का सशक्त संदेश भी है।




