नक्सलियों के जखीरे पर सुरक्षा बलों का बड़ा प्रहार, जंगल से 297 जिंदा कारतूस बरामद
डीआरजी नारायणपुर और आईटीबीपी 53वीं वाहिनी की संयुक्त कार्रवाई, ओरछा क्षेत्र के कसोड़-कुमेरादी जंगल में छिपाया गया नक्सली डंप मिला

नारायणपुर, 28 जुलाई। नक्सल मुक्त हो रहे अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों के बचे हुए संसाधनों को खत्म करने में जुटे हैं। इसी कड़ी में डीआरजी नारायणपुर एवं आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओरछा थाना क्षेत्र के कसोड़-कुमेरादी जंगल से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया गोला-बारूद का डंप बरामद किया है। कार्रवाई में 7.62 मिमी के 195 तथा 5.56 मिमी के 102 जीवित कारतूस, कुल 297 जिंदा राउंड जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार 26 जुलाई को नक्सल मुक्ति उपरांत क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष सर्च अभियान के दौरान कैंप आदींगपार से आगे कसोड़-कुमेरादी के जंगल में संयुक्त टीम ने गहन तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान जमीन में छिपाकर रखा गया नक्सली डंप मिला, जिसमें बड़ी संख्या में कारतूस बरामद हुए। बरामद सामग्री को विधिवत जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नक्सलियों की रसद व्यवस्था तोड़ने पर फोकस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सघन सर्च अभियान चलाकर हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य युद्ध सामग्री की तलाश की जा रही है। इन अभियानों से नक्सलियों की रसद व्यवस्था और संसाधनों पर लगातार चोट पहुंच रही है, जिससे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था मजबूत हो रही है।
जन सहयोग की अपील
नारायणपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जंगलों या आसपास के क्षेत्रों में यदि कोई संदिग्ध वस्तु, हथियार, गोला-बारूद अथवा नक्सलियों द्वारा छिपाई गई सामग्री दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या सुरक्षा बलों को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
नक्सल संगठन की ताकत केवल हथियारबंद दस्तों से नहीं, बल्कि जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार और गोला-बारूद के भंडार से भी जुड़ी होती है। लगातार चल रहे सर्च अभियान इन संसाधनों को खत्म कर नक्सलियों की क्षमता कमजोर कर रहे हैं। नक्सल मुक्त हो रहे क्षेत्रों में ऐसी कार्रवाई सुरक्षा बलों की रणनीतिक बढ़त का संकेत है।




